Patna News: (सुबोध कुमार नंदन की रिपोर्ट)
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की टीम ने पटना के औद्योगिक क्षेत्र महुली में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फैक्ट्री पर छापेमारी की. यहां बिना वैध ISI प्रमाणन के टफेन्ड सेफ्टी ग्लास का निर्माण और बिक्री किए जाने का खुलासा हुआ है. छापेमारी में 376 तैयार ग्लास जब्त किए गए हैं.
गुप्त सूचना पर हुई फैक्ट्री में बड़ी कार्रवाई
BIS पटना शाखा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई. टीम ने पटना पुलिस के सहयोग से महुली स्थित आर.एस. टफ ग्लास प्रा. लि. परिसर में तलाशी अभियान चलाया और अवैध उत्पादन का खुलासा किया.
बिना ISI लाइसेंस के चल रहा था उत्पादन
जांच में पाया गया कि फैक्ट्री में टफेन्ड सेफ्टी ग्लास का निर्माण बिना आवश्यक BIS लाइसेंस के किया जा रहा था. यह उत्पाद सेफ्टी ग्लास गुणवत्ता नियंत्रण आदेश 2020 के तहत आता है, जिसके लिए IS 2553 (भाग-1): 2018 मानक और ISI मार्क अनिवार्य है.
376 तैयार ग्लास मौके से जब्त
छापेमारी के दौरान विभिन्न आकारों के 376 टफेन्ड सेफ्टी ग्लास पाए गए, जिन्हें बाजार में सप्लाई के लिए तैयार किया गया था. सभी उत्पादों को मौके पर ही सील कर जब्त कर लिया गया.
दस्तावेज और सबूत जुटाने में जुटी टीम
BIS अधिकारियों ने फैक्ट्री से संबंधित दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों को भी जब्त किया है. मामले की गहन जांच जारी है और आगे कानूनी प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है.
दोष साबित होने पर सख्त सजा का प्रावधान
अधिकारियों के अनुसार ISI मार्क के गलत उपयोग या बिना लाइसेंस उत्पादन पर BIS अधिनियम 2016 के तहत जुर्माना और दो वर्ष तक की सजा या दोनों का प्रावधान है. संबंधित फर्म पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
उपभोक्ताओं से BIS Care App के जरिए जांच की अपील
BIS ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी प्रमाणिकता BIS Care App के माध्यम से जरूर जांचें. साथ ही निर्माताओं को नियमों के पालन के बाद ही उत्पादन करने की सलाह दी गई है.
