Bihar News: (पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट) पटना के बेऊर जेल में हुई छापेमारी के बाद जांच लगातार जारी है. जांच आगे बढ़ने के साथ जेल के अंदर कई अनियमितताओं का खुलासा हो रहा है.
कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय ने इस मामले में तीन कक्षपालों पर कार्रवाई की है. इनमें मुख्य कक्षपाल उमेश कुमार सिन्हा, कक्षपाल शिवशंकर कुमार और निर्मल कुमार पासवान शामिल हैं. तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
अवैध मेस संचालन में मुख्य कक्षपाल की भूमिका
जांच में सामने आया कि बेऊर जेल के अंदर अवैध रूप से मेस चलाया जा रहा था. साथ ही प्रतिबंधित हीटर का इस्तेमाल भी किया जा रहा था.
जांच टीम के अनुसार, इस व्यवस्था को चलाने में मुख्य कक्षपाल उमेश कुमार सिन्हा की संलिप्तता पाई गई. वह जेल में मुख्य उच्च कक्षपाल के पद पर तैनात थे. निलंबन के बाद उनका मुख्यालय मंडल कारा सीतामढ़ी तय किया गया है.
गोदाम प्रभारी पर राशन में गड़बड़ी का आरोप
कक्षपाल शिवशंकर कुमार जेल के गोदाम प्रभारी थे. जांच के दौरान गोदाम में रखी सामग्री की मात्रा में अंतर पाया गया. रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण में अंतर मिलने के बाद उनकी भूमिका पर सवाल उठे. इसके बाद उन्हें भी निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मंडल कारा छपरा निर्धारित किया गया है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
वार्ड में कैदी खुद बना रहे थे खाना
कक्षपाल निर्मल कुमार पासवान सरस्वती खंड के प्रभारी थे. जांच के दौरान उनके क्षेत्र से कच्चा राशन और हीटर बरामद किया गया. जांच टीम को सीढ़ी के नीचे छिपाकर रखे गए दो हीटर और आटा भी मिला. अधिकारियों के अनुसार, उनकी ड्यूटी के दौरान वार्ड में बंदी खुद खाना बना रहे थे. जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने जांच टीम को पूरा सहयोग नहीं किया.
20 जून की छापेमारी के बाद कार्रवाई तेज
बेऊर जेल में 20 जून को हुई छापेमारी के बाद लगातार जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी.
जेल प्रशासन की ओर से अब व्यवस्थाओं को सुधारने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी गई है.
