पटना के बंटी हत्याकांड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे, पहचान मिटाने के लिए हाथ के टैटू तक को गोदा

Patna Banti Murder Case: पटना के बंटी यादव हत्याकांड में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने हैवानियत की हदें पार कर दी हैं. हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए उसके दाहिने हाथ पर बने टैटू को गोदकर मिटा दिया और कड़ा भी गायब मिला.

पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट

Patna Banti Murder Case: पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के पास से 6 जुलाई को अपहृत न्यू करबिगहिया निवासी बंटी यादव का शव 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र से बरामद किया गया. पटना से करीब 60 किलोमीटर दूर मिले शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या से जुड़े कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं.

पहचान मिटाने की भी हुई कोशिश

पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि हत्या के बाद आरोपियों ने बंटी की पहचान छिपाने की कोशिश भी की. उसके दाहिने हाथ पर बने टैटू को किसी नुकीली वस्तु से गोदकर मिटा दिया गया था. इसके अलावा हाथ में पहना जाने वाला कड़ा भी गायब मिला.

पोस्टमार्टम में सामने आई क्रूरता की तस्वीर

पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. अजय कुमार सिंह के अनुसार, बंटी की हत्या बेरहमी से पीट-पीटकर की गई. उसके चेहरे, सिर और शरीर पर ईंट या पत्थर जैसी भारी वस्तु से कई बार हमला किया गया.

चेहरा इस कदर क्षतिग्रस्त था कि आंख और नाक की पहचान करना मुश्किल हो गया था. दाहिने हाथ का अधिकांश हिस्सा नष्ट हो चुका था और केवल हड्डी बची थी. शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं.

गोली लगने की पुष्टि नहीं

डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम में गोली लगने या शरीर में किसी छर्रे के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है. प्रारंभिक जांच से स्पष्ट है कि हमलावरों ने बंटी को गंभीर रूप से प्रताड़ित करने के बाद उसकी हत्या की.

मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर

बंटी हत्याकांड के मुख्य आरोपी समेत कई नामजद अभियुक्त अब भी फरार हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.

गुलबी घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम के बाद बंटी का शव न्यू करबिगहिया स्थित उसके आवास लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम दर्शन किए. इसके बाद पटना के गुलबी घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.

परिजनों ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप

घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है. परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की होती तो बंटी की जान बचाई जा सकती थी. स्थानीय लोगों और परिजनों ने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है.

ALSO READ: अपहरण के कुछ घंटों में ही हुई बंटी की हत्या, पांच दिन तक तलाशती रही SIT, जानिए कैसे खुला राज


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >