पटना से नितिश सिंह की रिपोर्ट
Patna News : बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में निगरानी की विशेष अदालत ने भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास को बड़ा झटका देते हुए उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी. वहीं इसी मामले में नगर विकास एवं आवास विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार की जमानत और आईएएस अधिकारी संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.
तारिणी दास को नहीं मिली राहत
निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने शुक्रवार को भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी. आठ जुलाई को दायर जमानत याचिका पर नौ जुलाई को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे शुक्रवार को सुनाया गया.
उमेश कुमार की जमानत पर फैसला सुरक्षित
इसी मामले में जेल में बंद नगर विकास एवं आवास विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार की नियमित जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई हुई. बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताते हुए जमानत देने की मांग की, जबकि विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया.
आईएएस संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर भी सुनवाई
टेंडर घोटाला मामले के आरोपी आईएएस अधिकारी संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर भी विशेष अदालत में सुनवाई हुई. अदालत ने इस याचिका पर भी अपना फैसला सुरक्षित रखा है.
भ्रष्टाचार के आरोप में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) द्वारा राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में ठेकेदारी के दौरान कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप में दर्ज किया गया था. जांच पूरी होने के बाद एसवीयू ने आईएएस संजीव हंस समेत सात आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है.
