Patna: पटना में ऑटो लिफ्टर गैंग का आतंक, जानें कैसे प्लान बनाकर लोगों को बना रहे शिकार

Patna: राजधानी पटना में ऑटो लिफ्टर गैंग के सदस्यों ने एक बार फिर लोगों को शिकार बनाना शुरू कर दिया है.

Patna: राजधानी में ऑटो लिफ्टर गैंग के सदस्यों ने एक व्यापारी को अपना शिकार बना कर 1 लाख रूपए उड़ा कर फरार हुए हैं. ताजा मामला पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र इलाके का है जहां ट्रेन पकड़ औरंगाबाद से आए आलू व्यापारी पटना जंक्शन पहुंचा. बताया जा रहा है कि स्टेशन के बाहर पहुंच ऑटो पर पीड़ित व्यापारी सवार हुआ जिस ऑटो पर चालक के अलावे दो अन्य सवार हुए.

जबरन उतार हो गया फरार

पीड़ित परमेश्वर मेहता आलू व्यापारी की मानें तो वो आलू की खरीदारी करने गांधी मैदान अंटा घाट स्थित सब्जी मंडी जाने के लिए ऑटो में सवार हुआ था कुछ दूर जाने के बाद ऑटो चालक ने मूर्ति विसर्जन के रास्ता बंद का बहाना बनाकर ऑटो को सुनसान जगह ले गया जहां ऑटो खराब होने का बहाना बना पीड़ित को जबरन उतार फरार हो गया.

क्या हुआ पता भी नही चला

इधर पीड़ित परमेश्वर ने जब अपने फूल पैंट की जेब में रखे 1 लाख रूपए को नहीं देख घबरा गया. दरअसल ऑटो लिफ्टर गैंग के सदस्यों ने पीड़ित के फूल पैंट के जेब को ब्लेड से काट निकाल लिया जिसका पता पीड़ित को नही हुआ. हालांकि पीड़ित किसी तरह से लोगों से पूछ कोतवाली थाना पहुंचे जहां लिखित शिकायत दर्ज करवाई है. फिलहाल पुलिस पीड़ित के बतलाए घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज से शातिर ऑटो लिफ्टर गैंग के सदस्यों की तलाश में जुटी है.

इसे भी पढ़ें: Bihar Weather: बिहार में इस दिन दस्तक देगी गुलाबी ठंड, जानें कब होगी मानसून की विदाई

Bihar: ‘देश में तनाव पैदा करना चाहते हैं मोहन भागवत, मोदी और योगी’, RJD नेता तनवीर हसन ने बोला तीखा हमला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >