पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर 3712 करोड़ से बनकर होगा तैयार, बिहार को मिली ग्रीनफील्ड हाईवे की सौगात

Patna-Ara-Sasaram Corridor: मोदी सरकार चुनावी साल में बिहार पर मेहरबान है. शुक्रवार को केंद्र सरकार ने पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर के निर्माण की मंजूरी दी.

Patna-Ara-Sasaram Corridor: बिहार को चुनावी वर्ष में केंद्र की एनडीए सरकार की ओर से एक सौगात मिली है. जल्द ही मोदी सरकार पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर के निर्माण का काम शुरू करने जा रही है. 3712 करोड़ की लागत से पटना से सासाराम के बीच एक नया फोरलेन सड़क बनाया जायेगा है. इसके बन जाने से पटना से सासाराम की दूरी 40 किमी कम हो जाएगी. यानी बिहार की राजधानी से सासाराम की दूरी 120 किमी रह जाएगी.

दो घंटे का हो जायेगा सफ़र

पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर के बन जाने से अब पटना से सासाराम जाने में जहां पहले 4 घंटा लगता था वो सफर 2 घंटे में पूर हो जाएगा. फिलहाल पटना से सासाराम सड़क से जाने में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस रूट में पर अक्सर जाम और खराब सड़क की समस्या रहती है. नया ग्रीनफील्ड हाईवे बनने के बाद इस मार्ग पर यात्रा का समय कम होगा और सफर में परेशानी नहीं आएगी.

बिहार के कौन-कौन से शहर होंगे लाभान्वित

पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर को 2 साल के अंदर बनाया जायेगा. यह ग्रीनफील्ड हाईवे पटना से आरा होते ही सासाराम जाएगी. यह ग्रीनफील्ड हाईवे एनएच-19, एनएच-319, एनएच-922, एनएच-131G और एनएच-120 से होकर गुजरेगी. यह प्रोजेक्ट बिहार स्टेट हाइवे की एसएच-12, एसएच-102, एसएच-2 और एसएच-81 से भी होते हुए जाएगी. इस हाईवे के बनने से पटना, भोजपुर, अरवल, रोहतास और सासाराम जिले के लोगों को फायेदा होगा.

किन इलाकों को मिलेगी राहत

पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर बनने से पीरो, नौबतपुर, अरवल, सहार, हसन बाजार, संझौली और नोखा के लोगों को राहत मिलेगी. इसके अलावा, पटना से भोजपुर, अरवल, रोहतास होते हुए वाराणसी जाना आसान हो जायेगा. इसके बनने से पटना, भोजपुर, अरवल, रोहतास और सासाराम में कनेक्टिविटी बढ़िया हो जाएगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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