कोरोना को लेकर पटना अलर्ट, पीएमसीएच में 10 व आरएमआरआइ में 7 बेडों का वार्ड

कोरोना वायरस को लेकर पटना अलर्ट पर है. विदेशों से आने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. चीन, मलेशिया, सिंगापुर, हांगकांग आदि देशों से आने वालों में अगर सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं तो उसे निगरानी में लेकर जांच करवायी जा रही है.

पटना : कोरोना वायरस को लेकर पटना अलर्ट पर है. विदेशों से आने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. चीन, मलेशिया, सिंगापुर, हांगकांग आदि देशों से आने वालों में अगर सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं तो उसे निगरानी में लेकर जांच करवायी जा रही है. कोरोना प्रभावित देशों से हाल में लौटने वालों में अगर कोई लक्षण नहीं भी है तो भी एहतियात के तौर पर पटना एयरपोर्ट पर ही डॉक्टरों की टीम पूछताछ कर रही है.

इन यात्रियों से एयरपोर्ट पर ही फॉर्म भरा कर जरूरी सूचनाएं मांगी जाती हैं. डॉक्टर अगले 14 दिनों तक रोजाना फोन कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल पूछ रहे हैं. विदेशों से आये सात लोगों पर अब तक निगरानी रखी गयी थी. जिसमें से पांच के 14 दिन पूरा होने पर निगरानी खत्म कर दी गयी है वहीं दो पर अब भी नजर है. ये दोनों पटना के रहने वाले हैं .

आशा और एएनएम को किया गया जागरूक : स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद सिविल सर्जन कार्यालय ने जिले में कोरोना को रोकने के लिए कई कदम उठाये हैं. सभी आशा और एएनएम को इसको लेकर जागरूक किया गया है.

उन्हें निर्देश दिया गया है कि सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण वाले लोगों की जानकारी मिलते ही उन्हें अस्पताल भेजे. पटना एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि जगहों पर इसके प्रति जागरूकता के लिए पोस्टर भी लगाये गये हैं. कोरोना से बचाव के लिए सिविल सर्जन कार्यालय ने पर्याप्त मात्रा में जांच कीट, डॉक्टरों की पहनने वाली ड्रेस, दवा और मास्क स्टोर किया है.

दो जगहों पर बनाया गया है आइसोलेशन वार्ड : पटना में कोरोना के मरीज अगर आते हैं तो उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जायेगा. इसके लिए पीएमसीएच और संक्रामक रोग अस्पताल में एक-एक आइसोलशन वार्ड बनाया गया है. पीएमसीएच में दस मरीजों को रखकर इलाज किया जा सकता है. वहीं संक्रामक रोग अस्पताल में सात मरीजों के रखने की व्यवस्था की गयी है. अभी तक यहां कोई भी मरीज नहीं आया है. मंगलवार को यहां मलेशिया से आये मरीज के ब्लड और लार का सैंपल लेकर कोलकाता की लैब में जांच के लिए भेजा गया था.

कोरोना को लेकर पटना में हम अलर्ट हैं. विदेशों से लौटने वाले लोगों पर खास नजर रखी जा रही है. जिनमें लक्षण दिख रहा है उसकी जांच के लिए हम कोलकाता सैंपल भेज रहे हैं. विदेशों से लौटने वालों में अगर लक्षण नहीं भी है तो हम 14 दिनों तक उनपर निगरानी रख रहे हैं. इसको लेकर पर्याप्त तैयारी की जा चुकी हैं. अभी किसी भी मरीज में इसके वायरस की पुष्टि नहीं हुई इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है.

डॉ राज किशोर चौधरी, सिविल सर्जन,पटना

कोरोना वायरस की बुधवार तक की स्थिति

नेपाल से सटे जिले07

नेपाल से सटे अनुमंडल30

नेपाल सीमा से सटे गांव 6364

भारत-नेपाल पारगमन प्वाइंट 49

पारगमन प्वाइंट पर जांच किये गये लोगों की संख्या108363

निगरानी के तहत बौद्ध स्पॉट की संख्या06

ग्राम सभा की बैठकों की संख्या 3153

पंचायतों का उन्मुखीकरण कीसंख्या5104

हेल्थ वर्करों का उन्मुखीकरण 51716

जिलों में स्कूलों का उन्मुखीकरण 5808

गया एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच 16035

एकत्रित नमूनों की संख्या49

जांच के लिए नामांकित यात्रियों की संख्या121

14 दिनों की निगरानी पूरा करनेवाले यात्री43

कोरोना संक्रमण के बाद गंभीर सांस रोग का खतरा

पीएमसीएच में 10 बेड और संक्रामक रोग अस्पताल में सात बेड का बनाया गया अाइसोलेशन वार्ड

विदेशों से आने वाले लोगों पर रखी जा रही विशेष नजर, की जा रही है जांच

सिविल सर्जन कार्यालय ने पर्याप्त मात्रा में जांच किट को किया स्टोर

बचाव के लिए लगाया गया जागरूकता शिविर

बुद्धा कॉलोनी में सामाजिक संगठन राजपूत परिवार की ओर से बुधवार को कोरोना वायरस पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इसमें डॉ राणा एसपी सिंह ने लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के बारे में बताया. बैठक में किसलय कुमार, अभिषेक सिंह, आरती चौहान, विनोद सिंह, ऋषि, रंजीत सिंह, साकेत कुमार, राजीव कुमार, कोमल, प्रांशी, आर्या आदि उपस्थित थे.वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी बिहार प्रदेश के मीडिया प्रभारी कृष्णा सिंह कल्लू की अध्यक्षता में कारगिल चौक पर वायरस बचाव के लिये जागरूकता अभियान चलाया. मास्क का भी वितरण किया.

मलेशिया से लौटे कोरोना के संदेहास्पद मरीज की हालत स्थिर : पिछले दिनों मलेशिया से आये कोरोना के संदेहास्पद मरीज की तबीयत स्थिर है. उसे हल्की सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत के बाद मंगलवार को पीएमसीएच लाया गया था. जहां डॉक्टरों ने उसके ब्लड और लार का सैंपल लेकर जांच के लिए कोलकाता की लैब में भेजा है. उम्मीद है कि आज शाम तक उसकी जांच रिपोर्ट आ जायेगी. मरीज के बारे में जानकारी देते हुए पटना के सिविल सर्जन डॉ राजकिशोर चौधरी ने बताया कि उसकी स्थिति स्थिर है. डॉक्टरों की टीम उसके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए हैं. फिलहाल घर पर ही दूसरों से अलग रख कर इलाज किया जा रहा है. उसमें कोरोना का वायरस है या नहीं इसका पता जांच रिपोर्ट आने के बाद चलेगा.

इन उपायों को अपना आप भी बच सकते हैं कोरोना से : कुछ उपायों को अपना कोरोना के संक्रमण की आशंका को कम किया जा सकता है. इसको लेकर वरिष्ठ फिजिशियन डॉ दिवाकर तेजस्वी ने बुधवार को बताया कि इस वायरस से ग्रसित होने पर सांस से संबंधित गंभीर समस्याएं हो सकती हैं जिसके कारण यह जानलेवा है. इसकी शुरुआत में सर्दी, खांसी, बुखार, नाक-आंख से पानी आना और छींक जैसे लक्षण दिखते हैं. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इससे बचने के लिए साफ – सफाई का ख्याल रखें. भीड़ वाली जगहों पर मास्क या रूमाल लगाकर रखें. गंदे हाथ से आंख, नाक नहीं छूना चाहिए. बाहर से आकर साबुन से हाथ धोना चाहिए और साफ-सफाई रखें.

कोरोना वायरस की होगी जांच, किट आयी : अगमकुआं स्थित राजेंद्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान में अब दुनिया भर में फैल रहे कोरोना वायरस के मरीजों की जांच होगी. इसके लिए आरएमआरआइ संस्थान में जांच किट पूणे से आयी है.

संस्थान के निदेशक डॉ प्रदीप दास ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी अर्थात राष्ट्रीय विषाणु संस्थान पूणा से यह जांच किट संस्थान को भेजा गया है. एक किट में 80 मरीजों के सैंपल की जांच होगी. संस्थान में ऐसे संदिग्ध मरीज की जांच वॉयरोलॉजी लैब में की जायेगी. निदेशक ने बताया कि जांच किट उपलब्ध हो जाने की स्थिति में संभावित ऐसे मरीज के चिह्नित होने पर उसके केस हिस्ट्री के आधार पर कोरोना वायरस की जांच करायी जायेगी.

निदेशक ने बताया कि उपलब्ध कराये गये किट का गुरुवार को लैब में टेस्टिंग कराया जायेगा, जांच परिणाम पुणे के लैब की तरह मिलता है. तो इसके बाद पुणे के लैब से अनुमति मिलने के उपरांत ही संस्थान में जांच कराया जायेगा. निदेशक ने बताया कि पहले जांच के लिए पूणे में स्थित संस्थान में भी भेजा जाता है. जांच कीट आ जाने के उपरांत अब यह जांच संस्थान में भी जांच हो सकती है. अगर टेस्टिंग के उपरांत अनुमति मिली तब.

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Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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