Patna AIIMS में यौन शोषण की काली कहानी : महिला कर्मी ही नहीं, उसकी बेटी को भी अधिकारी ने बनाया शिकार

Patna AIIMS News: Patna AIIMS में एक महिला कर्मी और उसकी नाबालिग बेटी के साथ कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने संस्थान के प्रशासनिक तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पीड़िता की शिकायत पर गठित आंतरिक जांच समिति ने जांच में आरोपों की पुष्टि की. इसके बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

Patna AIIMS News: (अजीत कुमार की रिपोर्ट)
पटना एम्स से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है. संस्थान में कार्यरत एक महिला कर्मी ने कनीय प्रशासनिक अधिकारी पर स्वयं और अपनी नाबालिग पुत्री के साथ कथित अनुचित व्यवहार एवं छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले की शिकायत मिलने के बाद एम्स प्रशासन ने आंतरिक जांच कराई, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई. इसके बाद फुलवारी शरीफ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

दो वर्षों तक परेशान करने का आरोप

पीड़ित महिला का आरोप है कि लगभग दो वर्ष पहले उनकी एक सर्जरी पटना एम्स में हुई थी. इसी दौरान उनकी पहचान आरोपी अश्विनी कुमार सिंह से हुई. महिला का कहना है कि इसके बाद आरोपी लगातार उन्हें परेशान करता रहा और कथित रूप से अनुचित व्यवहार करता था

विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी

महिला ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने आरोपी के व्यवहार का विरोध किया तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई. इसके साथ ही उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की भी कोशिश की गई. पीड़िता के अनुसार इसी कारण वह लंबे समय तक शिकायत दर्ज कराने से हिचकती रहीं.

बेटी के साथ भी अनुचित व्यवहार का आरोप

महिला का कहना है कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी उनकी नाबालिग पुत्री के साथ भी कथित तौर पर अनुचित व्यवहार कर रहा है. इसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए एम्स प्रबंधन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की.

डर और बदनामी की आशंका से रहीं चुप

पीड़िता ने बताया कि सामाजिक बदनामी और भय के कारण वह काफी समय तक चुप रहीं. अंततः 21 फरवरी 2026 को उन्होंने एम्स के चिकित्सा पदाधिकारी को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जानकारी दी और न्याय की मांग की.

जांच के लिए गठित हुई छह सदस्यीय समिति

शिकायत मिलने के बाद एम्स प्रशासन ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया. समिति ने विस्तृत जांच करते हुए उपलब्ध दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी तथ्यों का परीक्षण किया.

जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि

जांच के दौरान समिति ने विभिन्न साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए. एम्स प्रशासन के अनुसार जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए. इसके बाद प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को शिकायत सौंपी.

प्राथमिकी दर्ज होते ही हुई गिरफ्तारी

मामले में एम्स के वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी की ओर से फुलवारी शरीफ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अश्विनी कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस कर रही आगे की कानूनी कार्रवाई

थाना प्रभारी मोहम्मद गुलाम शहबाज आलम

फुलवारी शरीफ थाना प्रभारी मोहम्मद गुलाम शहबाज आलम ने बताया कि एम्स प्रशासन की आंतरिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज किया गया. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है.

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लेखक के बारे में

Published by: Karuna Tiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है. अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं.

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