Patna News: (प्रमोद झा की रिपोर्ट)
पटना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. अब जिले के सात प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे ग्रामीण छात्रों को अपने ही इलाके में स्नातक स्तर की पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी.
1 जुलाई से शुरू होगी पढ़ाई
जानकारी के अनुसार अथमलगोला, बेलछी, दनियावां, घोसवरी, खुसरूपुर, मनेर और संपतचक प्रखंडों में 1 जुलाई से डिग्री स्तर की पढ़ाई शुरू की जाएगी. इससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
अस्थायी भवनों में शुरू होगा संचालन
फिलहाल इन डिग्री कॉलेजों का संचालन अस्थायी भवनों में किया जाएगा. इसके लिए भवनों का चयन कर लिया गया है, जहां फर्नीचर, कंप्यूटर, वाईफाई, पेयजल, आरओ सिस्टम और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
स्थायी भवन के लिए जमीन की तलाश तेज
स्थायी कॉलेज भवन निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़ और शहरी क्षेत्रों में 2.5 एकड़ जमीन की आवश्यकता निर्धारित की गई है. 30 जून तक भूमि चयन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
प्रशासन ने तैयारियों की समीक्षा की
पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने संबंधित अधिकारियों और प्राचार्यों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने सभी विभागों को समन्वय बनाकर गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया विस्तार
डीएम ने कहा कि यह पहल ग्रामीण छात्रों, खासकर लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर खोलेगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भी डिग्री शिक्षा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी.
नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
डीडीसी शुभम कुमार को नियमित समीक्षा और एसडीओ को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है. प्रशासन का लक्ष्य है कि 1 जुलाई से सभी कॉलेजों में पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो जाए.
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