पटना में गंगा को साफ करने का मास्टर प्लान. 31 नालों का गंदा पानी होगा टैप, बनेंगे 3 STP और 7 IPS

पटना को जलजमाव और गंगा को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए एक बड़ी योजना पर काम हो रहा है. 31 प्रमुख नालों के गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए 500 MLD क्षमता का सबसे बड़ा STP बनेगा. यह प्रोजेक्ट 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है.

Patna Ganga Cleaning Project: राजधानी को जलजमाव व गंगा नदी को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट को लाने की तैयारी की जा रही है. दरअसल, कुर्जी और राजापुर नाले की टैपिंग सफल होने के बाद नयी व्यवस्था की जा रही है. क्योंकि, इन दोनों का गंदा पानी सीधे दीघा एसटीपी तक पहुंच रहा है. वहां रोजाना 50 एमएलडी पानी का वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट किया जा रहा है. अब इसी तर्ज पर पटना के 31 प्रमुख नालों के गंदे पानी को सीधे गंगा नदी में गिरने से रोकने के लिए शहर में 500 एमएलडी क्षमता का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जाएगा. यह पूरे बिहार का सबसे बड़ा एसटीपी होगा. इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण के लिए राजधानी की चमचमाती सड़कों और घनी गलियों को दोबारा नहीं खोदना पड़ेगा.

2028 तक शुरू होगा नया STP, सात जगह बनेंगे IPS

नमामि गंगे की ओर से इस प्लांट को स्थापित करने के लिए जमीन के सर्वे का काम किया जा रहा है. मानसून खत्म होते ही इसके निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया जाएगा. विभाग द्वारा साल 2028 की शुरुआत तक इस एसटीपी को पूरी तरह संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है. नालों के पानी को बिना किसी रुकावट के एसटीपी तक लिफ्ट करने और सही फ्लो बनाए रखने के लिए शहर के सात प्रमुख हॉटस्पॉट पर इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (IPS) का निर्माण किया जाएगा.

सड़कों की खुदाई से मिलेगी राहत

सड़कों की खुदाई से मिलेगी मुक्ति, नालों के एंडिंग पॉइंट होंगे टैप 100 एमएलडी क्षमता के दीघा व 50 एमएलडी क्षमता के कंकड़बाग एसटीपी के लिए शहर में खुदाई की गयी. अब भी कुछ इलाकों में घरों का कनेक्शन का काम बाकी है. लेकिन, नयी व्यवस्था के तहत आईएंडडी यानी इंटरसेप्शन एंड डाइवर्जन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके तहत दीघा से लेकर गायघाट तक के सभी 31 छोटे-बड़े नालों के एंडिंग पॉइंट पर ही विशेष स्ट्रक्चर बनाकर गंदे पानी को रोक लिया जाएगा. वहां से पानी को डाइवर्ट कर मुख्य चैनल के जरिए एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा.

पटना में सीवेज नेटवर्क होगा मजबूत

दीघा सहित तीन सेंट्रलाइज्ड एसटीपी भी पाइपलाइन में शहर की बढ़ती आबादी व भविष्य की जरूरतों को देखते हुए तीन अन्य सेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर भी काम चल रहा है. इसमें एक दीघा घाट पर प्लांट तैयार है. इसके अलावा राजापुर, मंदिरी और अंटा घाट के क्षेत्र को कवर करने के लिए एक बड़ा 264 एमएलडी क्षमता का एसटीपी प्रस्तावित है. वहीं, महावीर घाट के पास 18 एमएलडी क्षमता का प्लांट भी पाइपलाइन में शामिल है. इन सभी सेंट्रलाइज्ड व डिसेंट्रलाइज्ड व्यवस्था को मिलाकर पटना की वाटर प्यूरिफिकेशन क्षमता में बढ़ोतरी होगी.

सात महत्वपूर्ण जगहों पर बनेंगे इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन(IPS) दानापुर कैंट: 10.50 एमएलडी दीघा घाट ड्रेन: 81.53 एमएलडी कुर्जी नाला: 62.54 एमएलडी राजापुर नाला: 86.78 एमएलडी मंदिरी नाला: 136.97 एमएलडी अंटा घाट: 22.12 एमएलडी मित्तन घाट: 8.50 एमएलडी

DPR अंतिम चरण में, जमीन चयन तेज

टोपोग्राफिकल सर्वे, सीवेज डिस्चार्ज सहित अन्य का काम पूरा प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर तैयार करने का काम अंतिम चरण में है. प्रोजेक्ट से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि टोपोग्राफिकल सर्वे, नालों की विस्तृत सूची (इन्वेंट्री) व सीवेज डिस्चार्ज (बहाव) का सर्वे कर लिया गया है. इस डेटा का उपयोग हाइड्रोलिक विश्लेषण व इंजीनियरिंग डिजाइन तैयार करने के लिए किया जा रहा है. अब एसटीपी, आइपीएस व आइएंडडी स्ट्रक्चर के लिए उपयुक्त जमीन की पहचान और चयन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है.

योजना से होने वाले 5 बड़े लाभ

  • नालों का गंदा पानी ट्रीट होने से गंगा नदी में जलीय जीवों का संरक्षण होगा
  • नई सड़कों व गलियों की बेवजह खुदाई नहीं होने से शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहेगा- कम समय व सीमित संसाधनों में 500 एमएलडी तक के पानी का तुरंत ट्रीटमेंट संभव होगा
  • पूरे शहर में नए सिरे से पाइपलाइन बिछाने के बजाय टैपिंग से आर्थिक बोझ काफी कम आएगा
  • सीवेज के वैज्ञानिक निस्तारण से स्वास्थ्य में सुधार होगा व संक्रामक बीमारियों का खतरा घटेगा

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सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.
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