पटन खगौल से संजय पांडेय की रिपोर्ट
खगौल नाट्य संस्था 'सूत्रधार' की ओर से देवी स्थान, बड़ी खगौल स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित 21 दिवसीय अभिनय नाट्य कार्यशाला का सफल समापन हुआ. एक जुलाई से शुरू हुई इस कार्यशाला में नवोदित कलाकारों को रंगमंच की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. कार्यशाला का संचालन निर्देशक नवाब आलम के नेतृत्व में किया गया.
अभिनय की बारीकियों से हुए प्रशिक्षु कलाकार परिचित
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को शारीरिक गतिविधियां, वाचिक एवं आंगिक अभिनय, थिएटर गेम, स्टोरी टेलिंग, उच्चारण, ध्वनि, मंच सज्जा और इंप्रोवाइजेशन जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षकों ने कलाकारों की कल्पनाशक्ति, आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल को विकसित करने पर विशेष जोर दिया, ताकि वे एक जिम्मेदार कलाकार के साथ-साथ जागरूक नागरिक भी बन सकें.
'गबरघिचोर' नाटक की प्रस्तुति की तैयारी
वरिष्ठ रंगकर्मी मिथिलेश पांडे ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्रशिक्षु कलाकारों को रंगमंच के सभी आयामों से परिचित कराना है, जिससे वे भविष्य में बेहतर कलाकार और बेहतर इंसान बन सकें. उन्होंने बताया कि कार्यशाला में भिखारी ठाकुर द्वारा रचित कालजयी नाटक 'गबरघिचोर' की प्रस्तुति की तैयारी चल रही है. इसका मंचन 26 जुलाई 2026, रविवार, शाम 6 बजे पूर्व मध्य रेलवे सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खगौल में किया जाएगा.
नए रंगकर्मियों को मिलेगा मंच
कार्यशाला प्रभारी प्रो. प्रसिद्ध कुमार ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं नए और ऊर्जावान रंगकर्मियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इससे कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा.
कई रंगकर्मियों ने लिया भाग
कार्यशाला में मुकेश कुमार, अखिलेश सिंह, अमन कुमार, सिंपी सिंह, कुंदन कुमार, आसिफ हसन, लवकुश कुमार, अभिजीत कुमार, भोला सिंह, राजीव रंजन त्रिपाठी, शशि भूषण शर्मा, सऊद आलम, हुस्ना फातिमा सहित कई रंगकर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई.
