Pappu Yadav’s Robin Hood Style : पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की बिहार की सियासत में एक अलग पहचान रही है. एक तरफ उनकी छवि दबंग और बाहुबली नेता की रही है, तो दूसरी तरफ बाढ़ जैसे संकट के समय प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर मदद करने के कारण समर्थक उन्हें गरीबों का मसीहा और 'रॉबिनहुड' कहते हैं. बाढ़ के दौरान उनका अंदाज अक्सर राहत सामग्री लेकर सीधे प्रभावित इलाकों तक पहुंचने का रहा है.
2024 से 2026 तक बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर बांटी मदद
साल 2024 में पूर्णिया के रूपौली, अमौर और बायसी समेत कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में पप्पू यादव ने राहत सामग्री और आर्थिक मदद पहुंचाई. दरभंगा में कम्युनिटी किचन और सूखा राशन उपलब्ध कराने के लिए भी आर्थिक सहयोग की बात सामने आई. 2025 में वे नाव के जरिए बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंचे और अधिकारियों से राहत शिविर व सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की. इसी दौरान भोजपुर में राहत अभियान के दौरान गंगा की तेज धारा में एक घर बह जाने से वे बाल-बाल बचे. सितंबर 2026 में भी वे पूर्णिया के मानसियारा और पटना के बिली जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की.
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नाव से गांवों तक पहुंचने से लेकर अधिकारियों को फोन करने तक
बाढ़ के दौरान पप्पू यादव का फोकस प्रभावित लोगों तक सीधे पहुंचने पर रहा है. वे कई बार नाव के जरिए जलमग्न गांवों में पहुंचे, लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके से ही अधिकारियों को फोन कर राहत, नाव और शिविर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की. यही वजह है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में उनके इस अंदाज को लेकर समर्थकों के बीच अलग तरह की चर्चा रहती है.
राहत कार्य या राजनीतिक स्टंट? मदद को लेकर उठते रहे सवाल
पप्पू यादव के राहत अभियानों को लेकर विरोधी दल और उनके आलोचक कई बार इसे राजनीतिक स्टंट बताते रहे हैं. साल 2025 में आचार संहिता के दौरान नकद रुपये बांटने के आरोप में उनके खिलाफ FIR दर्ज होने और इनकम टैक्स का नोटिस जारी होने की बात भी सामने आई थी. हालांकि, पप्पू यादव का कहना रहा कि जरूरतमंदों की मदद करना वे बंद नहीं करेंगे. ऐसे में बाढ़ राहत के दौरान उनकी सक्रियता जहां समर्थकों के बीच उनकी 'रॉबिनहुड' वाली छवि को मजबूत करती है, वहीं विरोधी इसे राजनीति से जोड़कर सवाल उठाते रहे हैं.