मेड इन बिहार जल प्रबंधन की मौलिक तकनीक को मिला पेटेंट

मेड इन बिहार जल प्रबंधन की मौलिक तकनीक को मिला पेटेंट

राज्य के स्टार्टअप का कमाल, बिहार सरकार की वित्तीय मदद से नवाचार को मिली गति संवाददाता,पटना बिहार की स्टार्टअप इंडस्ट्रीज के लिए सुखद क्षण है कि उसकी तरफ से विकसित तकनीक को मौलिक मानते हुए भारत सरकार ने पेटेंट प्रदान किया है. यह पेटेंट राज्य की उभरती स्टार्टअप कंपनी ग्रीन स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के उत्पाद ‘ऑटोमैटिक वॉटर लेवल कंट्रोलर’ को दिया गया है. ’ए सिस्टम फॉर प्रेवेंटिंग ड्राय रन ऑफ इलेक्ट्रिकल वाटर पंप ’ यह तकनीक जल प्रबंधन से जुड़ी है. राज्य के लिए यह तकनीक विशेष उपलब्धि मानी जा रही है. जानकारों का कहना है कि इस पेटेंट का महत्व इस बात से है कि इससे पूरे भारत में जल प्रबंधन को एक नयी दिशा मिलेगी. विकसित डिवाइस टंकी के जल स्तर को स्वतः मापता है. मोटर को स्वचालित रूप से चालू /बंद करता है, जिससे पानी की बर्बादी, ओवर फ्लो, मोटर बर्न और ड्राइ रन जैसी समस्याएं नहीं हो पाती हैं. इससे जल और बिजली दोनों की बचत होती है. एक हजार से अधिक स्थानों पर किया गया प्रयोग : इस नवाचार को अब तक एक हजार से अधिक स्थानों पर प्रयोग किया जा चुका है. इसके सकारात्मक परिणामों ने इसे सरकार व पंचायत स्तर तक अपनाये जाने योग्य बना दिया है. यदि इसे हर घर नल का जल योजना में एकीकृत किया जाए, तो यह टंकी ओवरफ्लो, जल अपव्यय, और मोटर बर्न जैसी समस्याओं को सस्ते एवं स्थायी रूप से समाप्त कर सकता है.

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By RAKESH RANJAN

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