संवाददाता, पटना
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के सतत प्रयासों से केरल सरकार को अंततः चौथी कक्षा की पर्यावरण अध्ययन शिक्षक-पाठ्यपुस्तक से आपत्तिजनक सामग्री को हटाने का निर्णय लेना पड़ा. केरल शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा पाठ्यक्रम संशोधन के अंतर्गत तैयार इस प्रारूप में नेताजी सुभाषचंद्र बोस पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गयी थी. साथ ही भारत के मानचित्र से असम और झारखंड जैसे महत्वपूर्ण राज्यों को हटा दिया गया था. अभाविप के राष्ट्रव्यापी विरोध और औपचारिक शिकायत के बाद केरल के सामान्य शिक्षा विभाग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि आवश्यक सुधार किये बिना कोई भी पुस्तक छापी न जाये. अब संशोधित व सही किया गया पाठ वेबसाइट पर उपलब्ध है. इसके साथ ही इन गंभीर भूलों के लिए जिम्मेदार पाठ्यपुस्तक निर्माण समिति के सदस्यों को आगे की सभी शैक्षणिक गतिविधियों से प्रतिबंधित करने के निर्देश भी जारी किया गया है. अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री श्रवण बी राज ने कहा कि यह केवल अभाविप के प्रखर प्रतिरोध और हस्तक्षेप का परिणाम है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
