अब ताड़ के पेड़ों से निकलेगा सेहतमंद नीरा

अब ताड़ के पेड़ों से निकलेगा सेहतमंद नीरा

संवाददाता, पटना

बिहार सरकार ने नीरा संवर्धन योजना शुरू की है ताकि ताड़ी जैसे नशीले पेय को रोका जा सके और ताड़ के पेड़ों से सेहतमंद नीरा निकाला जा सके़ वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जुलाई तक के ताड़ मौसम में करीब 2 लाख ताड़ के पेड़ों से नीरा निकालने का काम होगा़ इस मौसम में लगभग 3 करोड़ 90 लाख लीटर नीरा निकालने का लक्ष्य रखा गया है। इस काम में करीब 20 हजार लोग शामिल होंगे जो पेड़ों से नीरा निकालते हैं. इस योजना का काम जीविका समूहों के माध्यम से किया जा रहा है़

मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरकार नीरा निकालने वाले लोगों और ताड़ पेड़ के मालिकों को मेहनत के अनुसार सहायता राशि भी देगी़ एक पेड़ से नीरा निकालने पर नीरा निकालने वाले को 8 रुपये प्रति लीटर और पेड़ के मालिक को 3 रुपये प्रति लीटर की दर से अधिकतम 195 रुपये प्रति पेड़ मिलेंगे. अगर कोई व्यक्ति 10 पेड़ों से नीरा निकालेगा तो उसे 15,600 रुपये और पेड़ मालिक को 5,850 रुपये मिल सकते हैं. इसके अलावा हर पेड़ की पहचान और गिनती करने के लिए नीरा निकालने वाले को 30 रुपये प्रति पेड़ की अलग से राशि दी जाएगी. यह सारा भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाएगा.

योजना का बड़ा उद्देश्य है कि लोग ताड़ी जैसे नशे से दूर हों और नीरा जैसे पौष्टिक पेय के उत्पादन से कमाई करें. इसके साथ-साथ राज्य सरकार ने ताड़ी और शराब से जुड़े 46 हजार परिवारों को दूसरा रोजगार देने की योजना भी चलाई है, जिसमें अब तक 42 हजार से ज्यादा परिवारों को 163 करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है.

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Published by: Mithilesh kumar

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