Bihar Teacher Transfer: बिहार के सरकारी शिक्षकों से जुड़ी जरूरी खबर है. शिक्षकों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी अप्रैल महीने से लागू हो जाएगी. इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि जून 2026 में बड़े स्तर पर शिक्षकों का ट्रांसफर हो सकेगा. जानकारी के मुताबिक, पुरानी नियमावली में कुछ संशोधन किए जा रहे हैं. यह संशोधन मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा.
कैबिनेट से ली जाएगी मंजूरी
नियमावली में संशोधन के बाद इसे कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे अप्रैल महीने में लागू कर दिया जाएगा. बजट सत्र के बीच लगातार शिक्षकों से जुड़े मामले को सदन में उठाया जा रहा है. इस बीच सरकारी शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर नई पॉलिसी तैयार होने की खबर है.
पॉलिसी का शिक्षकों ने क्यों किया था विरोध?
जानकारी के मुताबिक, अभी से कुछ महीने पहले भी शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर नियमावली कैबिनेट में भेजी गई थी. लेकिन उसे मंजूर नहीं किया गया और लौटा दिया गया था. उस वक्त सरकार की तरफ से और भी संशोधन करने का आदेश दिया गया था. दरअसल, अगस्त-सितंबर में जो प्रारूप तैयार किया गया था, उसमें 5 साल के बाद शिक्षकों के ट्रांसफर का प्रावधान था.
इस प्रावधान का शिक्षकों की तरफ से जमकर विरोध किया गया. इसके साथ ही इसे वापस लेने की मांग की गई. शिक्षकों की मांग को देखते हुए पांच साल से घटाकर तीन साल में शिक्षकों के ट्रांसफर की पॉलिसी लाई गई. इसके साथ ही यह भी क्लियर किया गया कि कोई गंभीर बीमारी या फिर विशेष परिस्थिति में ही तीन साल से पहले किसी भी शिक्षक का ट्रांसफर किया जाएगा.
शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए बनेगी अधिकारियों की टीम
जानकारी के मुताबिक, शिक्षकों के जिला स्तर पर ट्रांसफर के लिए डीएम की अध्यक्षता में 8 सदस्यीय टीम बनाई जाएगी. इसमें उप विकास आयुक्त, एडीएम स्तर के एक अधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी शामिल रहेंगे. जबकि प्रिंसिपल के साथ प्रखंड स्तर पर शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए 6 सदस्यीय टीम बनाई जाएगी, जिसमें क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक के साथ प्रमंडल स्तर के अधिकारी शामिल रहेंगे.
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