NEET Student Death Case: पटना एम्स के फॉरेंसिक साइंन्स डिपार्टमेंट के HOD डॉ. विनय कुमार ने बताया कि छात्रा की मौत मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है. यह टीम एक सप्ताह पहले ही बनाई गई थी. लेकिन एसआईटी की तरफ से अधूरे डॉक्यूमेंट्स दिए गए हैं, जिसके कारण जांच में देरी हो रही है.
नीट छात्रा की मौत को लेकर एसआईटी की टीम ने पटना एम्स को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कुछ डॉक्यूमेंट्स भेजे हैं. एम्स के निदेशक और अधीक्षक के निर्देश पर जांच की जा रही है.
डॉ. विनय कुमार ने और क्या बताया?
डॉक्टर विनय कुमार ने यह भी बताया कि AIIMS की तरफ से बनाए गई टीम में 5 एक्सपर्ट शामिल हैं. फॉरेंसिक साइंन्स डिपार्टमेंट के HOD के नेतृत्व में ही टीम बनाया गया है. इस टीम में फॉरेंसिक विभाग के दो, गायनेकोलॉजी , न्यूरोलॉजी, रेडियोलॉजी विभाग के एक-एक एक्सपर्ट शामिल हैं. जरूरत पड़ने पर और भी एक्सपर्ट्स को जोड़ा जाएगा ताकि जांच आसानी और समय से हो सके.
डॉक्टर ने यह भी बताया कि अगर रिकॉर्ड देर से मिलता है, तो रिव्यू में थोड़ी बाधा आती है. अभी किसी कंक्लूजन पर पहुंचना संभव नहीं है, जब तक सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच नहीं हो जाती. एसआईटी की टीम डॉक्यूमेंट्स धीरे-धीरे दे रही है.
27 जनवरी तक आ सकती है एफएसएल रिपोर्ट
मामले में लगातार जांच चल रही है. इससे पहले ड्रग्स इंस्पेक्टर जहानाबाद के उस मेडिकल स्टोर में पहुंचे थे, जहां से छात्रा ने नींद की दवा ली थी. लेकिन जांच के दौरान ड्रग्स इंस्पेक्टर को नींद की दवा का कैश मेमो नहीं मिला. इस बीच संभावना जताई जा रही है कि 27 जनवरी तक एफएसएल की टीम रिपोर्ट सौंप सकती है.
एसआईटी ने अब तक 100 जीबी सीसीटीवी कैमरे के फुटेज लिए हैं. ये फुटेज पटना जंक्शन से लेकर मुन्नाचक तक के हैं. साथ ही जहानाबाद से लेकर पटना तक इलाज करने वाले डॉक्टरों, मेडिकज स्टाफ, हॉस्टल के वार्डन और उसके परिजनों से भी 105 जीबी का बयान रिकॉर्ड कर लिया है.
