Patna Junction : पटना में एसटीएफ(STF ) की टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र में दर्ज डकैती के मामले में करीब आठ साल से फरार चल रहे आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है. एसटीएफ(STF ) ने उसे पटना जंक्शन के पास से पकड़ा. आरोपित की पहचान राजेश भगत के रूप में हुई. गिरफ्तारी के समय वह बिहार से बाहर जाने की तैयारी में था. तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है. कार्रवाई के बाद एसटीएफ ने आरोपित को मुजफ्फरपुर पुलिस के हवाले कर दिया.
2017 में दर्ज हुआ था डकैती का केस
पुलिस के अनुसार राजेश भगत के खिलाफ कुढ़नी थाने में 15 दिसंबर 2017 को डकैती का मामला दर्ज किया गया था. केस दर्ज होने के बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से बाहर था. घटना को अंजाम देने के बाद उसने अपना ठिकाना बदल लिया और लगातार फरार रहा.
आरोपित ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पटना शहर में अपनी पहचान छिपाकर रहना शुरू कर दिया था. वह पटना के अलग-अलग इलाकों में ठिकाने बदलता रहा, जिससे पुलिस को उसके बारे में सही जानकारी जुटाने में काफी समय लगा.
एक सप्ताह तक STF ने की तलाश
एसटीएफ(STF ) को हाल के दिनों में सूचना मिली कि डकैती का आरोपित राजेश भगत पटना शहर में ही मौजूद है. सूचना मिलने के बाद टीम ने उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटानी शुरू की. इसके बाद करीब एक सप्ताह तक लगातार मेहनत और निगरानी के बाद एसटीएफ को उसके बारे में अहम सुराग मिला.
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि राजेश भगत पटना जंक्शन के आसपास आने-जाने वाला है. इसके बाद एसटीएफ की टीम ने जंक्शन के आसपास अपनी निगरानी बढ़ा दी. इसी दौरान वह बिहार से बाहर जाने के लिए पटना जंक्शन पहुंचा, जहां पहले से मुस्तैद एसटीएफ की टीम ने उसे पकड़ लिया.
मुजफ्फरपुर पुलिस को सौंपा गया
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने राजेश भगत से पूछताछ की और उसके पास मौजूद सामान की तलाशी ली. इस दौरान एक मोबाइल फोन बरामद किया गया. गिरफ्तारी की सूचना संबंधित थाना पुलिस को दी गई . इसके बाद एसटीएफ ने डकैती के मामले में फरार आरोपित राजेश भगत को मुजफ्फरपुर पुलिस के हवाले कर दिया.
आठ साल से फरार आरोपित की गिरफ्तारी को पुलिस के लिए अहम सफलता माना जा रहा है. अब मुजफ्फरपुर पुलिस उसके पुराने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही कि फरारी के दौरान वह किन-किन स्थानों पर रहा और इस अवधि में उसकी गतिविधियां क्या थीं.
