Bengal Violence: 'ह‍िंदुओं के साथ खून की होली खेल रही हैं ममता बनर्जी', जमाल सिद्दीकी बोले- 140 करोड़ भारतीय सनातनी हैं

Bengal Violence: बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा कि बंगाल में जो खूनी खेल ममता सरकार के संरक्षण में हो रहा है, उसे देश ने देखा है और देश के लोग उनसे नफरत कर रहे हैं. 2026 के विधानसभा चुनाव में लोग उनकी सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे.

Bengal Violence: भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना हिटलर से की. उन्होंने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ह‍िंदुओं के साथ खून की होली खेल रही हैं. पटना में शनिवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि बंगाल की ममता सरकार में हिंदुओं के घरों को जलाया जा रहा है. जमाल सिद्दीकी ने कहा रिपोर्ट है कि बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठिये घुस आए हैं और वो ह‍िंदुओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

पीएम मोदी का जताया आभार

ममता बनर्जी को यह समझना चाहिए कि बंगाल भारत का एक अभिन्न अंग है और उनकी सरकार में जिस तरह से हिंदुओं पर अत्याचार किया जा रहा है. यह दिखाता है कि वह देश को बदनाम कर रही हैं. बंगाल हिंसा पर काबू पाने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की 5 कंपनियां भेजी गई हैं. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने पीएम मोदी का आभार जताया है कि उन्होंने लोगों की रक्षा के लिए वहां पर फोर्स भेजी. बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए, भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती के इस बयान पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा कि मिथुन चक्रवर्ती ने जो कहा है, वह बिल्कुल ठीक कहा है. मैं उनके बयान का समर्थन करता हूं.

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हिंदू घरों को टारगेट किया गया

जमाल सिद्दीकी ने कहा कि केंद्र सरकार को अपने हाथ में बंगाल की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. क्योंकि, ममता सरकार में हिंदुओं के घरों को टारगेट किया गया है. महिलाओं को साथ अत्याचार की घटना हुई है. उन्होंने आगे कहा कि 140 करोड़ भारतीय सनातनी हैं. इस पहचान को अपनाना चाहिए. भले ही हमारी पूजा पद्धति अलग हो.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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