Patna 30 lakh Extortion Demand : पटना के पत्रकार नगर इलाके में डॉक्टर से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने शेखपुरा में छापेमारी कर एक नाबालिग को पकड़ा है. पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है. प्रारंभिक जांच में नाबालिग के साइबर अपराधियों के गिरोह से जुड़े होने की बात सामने आई है. पुलिस को उसके खिलाफ रंगदारी मांगने के अलावा ठगी के कई मामलों से जुड़े सुराग भी मिले हैं.
डॉक्टर से मांगी गयी थी 30 लाख की रंगदारी
पत्रकार नगर इलाके में रहने वाले डॉ. उमाशंकर प्रसाद को फोन और मैसेज के जरिए 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गयी थी. इस मामले में डॉक्टर ने चार अगस्त 2026 को पत्रकार नगर थाने में केस दर्ज कराया था. मामले की जांच के दौरान पुलिस को शेखपुरा में नाबालिग के मौजूद होने की जानकारी मिली.
शेखपुरा में छापेमारी कर पुलिस ने पकड़ा
पत्रकार नगर पुलिस ने शेखपुरा में छापेमारी कर नाबालिग को पकड़ लिया. पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है. पत्रकार नगर थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने नाबालिग के पकड़े जाने की पुष्टि की है. पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.
कारोबारी से भी 10 लाख की रंगदारी का आरोप
पुलिस की जांच में नाबालिग की संलिप्तता एक अन्य रंगदारी के मामले में भी सामने आयी है. चित्रगुप्त नगर इलाके के कारोबारी कॉलेश कुमार से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है. इस संबंध में कारोबारी ने छह अगस्त 2026 को चित्रगुप्त नगर थाने में केस दर्ज कराया था.
हत्या की सुपारी देने की बात कहकर डराया
जांच में एक और मामला सामने आया है. नालंदा जिले के मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि धीरज कुमार उर्फ पल्लू सिंह को फोन कर कथित तौर पर बताया गया था कि उनकी हत्या की सुपारी दे दी गयी है. इस फोन कॉल के बाद धीरज कुमार परेशान हो गये थे. मामले में पल्लू सिंह ने आठ अगस्त 2026 को हरनौत थाने में केस दर्ज कराया था.
मोबाइल में मिले संदिग्ध दस्तावेज
पुलिस के अनुसार, नाबालिग को पकड़ने के बाद उसके मोबाइल फोन की गहन जांच की गयी. मोबाइल में कई संदिग्ध दस्तावेज और जानकारियां मिली हैं. इनके आधार पर पुलिस को उसके साइबर अपराधियों के गिरोह से जुड़े होने के सुराग मिले हैं. पुलिस गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है.
पुराने सिक्के और नोट के नाम पर ठगी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पुराने सिक्के और नोट खरीदने का लालच देकर लोगों से ठगी करता था. इसके अलावा पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री के नाम पर भी लोगों से पैसे लेने और बाद में रकम हड़पने की बात सामने आयी है. पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है.
कई मामलों में कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
एक ही नाबालिग की कथित संलिप्तता रंगदारी और ठगी से जुड़े अलग-अलग मामलों में सामने आने के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और किन-किन लोगों को फोन कर रंगदारी या ठगी का शिकार बनाया गया है.
पुलिस के सामने अब गिरोह तक पहुंचने की चुनौती
नाबालिग से पूछताछ और मोबाइल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि डॉक्टर, कारोबारी और अन्य लोगों के मोबाइल नंबर गिरोह तक कैसे पहुंचे और इन वारदातों के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं.
