बाढ़ के बाजार समिति में स्थित सीएमआर गोदाम में कई ट्रक धान विभागीय लापरवाही के कारण सडकर कूड़े के ढेर में बदल चुका है.
By MAHESH KUMAR | Updated at :
बाढ़. बाढ़ के बाजार समिति में स्थित सीएमआर गोदाम में कई ट्रक धान विभागीय लापरवाही के कारण सडकर कूड़े के ढेर में बदल चुका है. धान की खरीद 10 साल पहले हुई थी. अधिकारियों ने इस खरीद के बाद धान को राइस मिल नहीं भेजा. धान का यह स्टॉक सड़ कर पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है. हालत यह है कि सड़े हुए धान में सांप और अन्य जहरीले जंतुओं ने अपना डेरा बना लिया है. इसकी सफाई करने से मजदूर घबरा रहे हैं. इसकी कीमत लाखों रुपये बतायी जा रही है. हालांकि अधिकारी पूरे मामले को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, धान खरीदने के बाद कई अधिकारी आये और गये, लेकिन इस खरीदगी पर किसी की नजर नहीं पड़ी. लिहाजा पूरा स्टॉक बर्बाद हो गया. हैरत की बात यह है कि सड़े हुए धान का लेखा-जोखा भी अभी विभाग के पास नहीं है. इस गड़बड़ी में आपूर्ति विभाग और स्टेट फूड कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारी की लापरवाही सामने आयी है जिसके कारण विभाग को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. ऑडिट की प्रक्रिया भी संदेह के घेरे में आ गयी है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है