हल्की धूप से बढ़ा पारा, अगले तीन दिनों तक कोल्ड-डे, घना कोहरा भी

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पटना जिले में अगले तीन दिनों तक तक कोल्ड-डे होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है.

– मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया पूर्वानुमान संवाददाता, पटना ठंड अभी राहत देने के मूड में नहीं है. मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पटना जिले में अगले तीन दिनों तक तक कोल्ड-डे होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है. वहीं, बुधवार और गुरुवार को जिले में घना कोहरा भी छाये रहने के आसार हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले 2-3 दिनों के दौरान पटना सहित राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में 1 से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है. जबकि अगले 48 घंटो के दौरान पटना सहित राज्य के अनेक स्थानों के न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है, उसके बाद न्यूनतम तापमान तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने का पूर्वानुमान है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर लगभग 140 नॉट की रफ्तार से बनी हुई है. जिसके कारण मौसम सर्द हो रहा है. हल्की धूप से बढ़ा अधिकतम तापमान लगभग चार दिनों के बाद सोमवार को जिले के अधिकतर इलाकोंं में हल्की धूप निकली. इसके कारण लोगों को थोड़ी राहत का अनुभव हुआ. धूप के कारण अधिकतम तापमान में रविवार के मुकाबले 2.1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गयी. शहर का अधिकतम पारा 18.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पारा 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा. मंगलवार को भी अधिकतम तापमान 16 से 18 और न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. जानिये क्या है कोल्ड-डे और कोल्ड वेब कोल्ड-डे का मतलब जब किसी दिन का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम हो. इसके साथ ही अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो और अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस या उससे कम दर्ज किया जाए, तो उस दिन को कोल्ड-डे घोषित किया जाता है. कोल्ड वेब या शीत लहर का मतलब जब मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे चला जाए और सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस कम हो या पहाड़ी क्षेत्रों में शून्य या उससे नीचे हो, और यह स्थिति कम से कम दो दिनों तक बनी रहे. इसमें हवा की गति के कारण ””विंड चिल फैक्टर”” से ठंड और भी अधिक महसूस होती है. तो ऐसी स्थिति को कोल्ड-वेब या शीत लहर कहा जाता है.

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Published by: Kumar prabhat

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