आधी रात अवैध बालू मंडी पर धावा, बालू लदे नौ ट्रैक्टरों के साथ एक युवक गिरफ्तार

अवैध खनन और बालू परिवहन पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने गुरुवार की देर रात बेऊर थाना क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी की.

– खनन टीम ने 10.5 लाख का ठोका जुर्माना – रात भर अलग-अलग जगहों पर की गयी कार्रवाई – डीएम पटना के निर्देश ड्रोन और हाइटेक बोट से निगरानी तेज होगी संवाददाता, पटना अवैध खनन और बालू परिवहन पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने गुरुवार की देर रात बेऊर थाना क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी की. छापेमारी के दौरान अधिकारियों को सूचना मिली कि 70 फीट रोड और बेऊर मोड़ के पास सड़क किनारे अवैध बालू मंडी चल रही है. यहां कई ट्रैक्टर खड़े थे और बड़े पैमाने पर बालू की खरीद-बिक्री की जा रही थी. टीम मौके पर पहुंची, तो कई ट्रैक्टरों में अवैध रूप से लदा बालू मिला. चालक और बालू कारोबार से जुड़े लोग प्रशासन को देखते ही फरार होने लगे. टीम ने मौके से नौ ट्रैक्टरों को ट्रॉली सहित जब्त कर लिया. इसके अलावा एक युवक को गिरफ्तार कर लिया. अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग की टीम शामिल रही, जिसमें एसडीओ पटना सदर, एसडीपीओ फुलवारी, जिला खनन पदाधिकारी, सभी खान निरीक्षक और बेऊर थानाध्यक्ष मौजूद थे. वाहन मालिकों और संबंधित कारोबारियों के खिलाफ बेऊर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मालूम हो कि बीते 11 दिसंबर को प्रभात खबर ने अवैध बालू खनन व कारोबार की पड़ताल की थी और प्रमुखता के साथ पेज तीन पर “राजधानी में पुलिस-प्रशासन की बड़ी टीम तैनात, फिर भी बालू में पिस रही जनता” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी. खनन विभाग ने लगाया 10.5 लाख का जुर्माना जब्त किये गये सभी नौ ट्रैक्टरों पर अवैध खनन व परिवहन में लिप्त पाये जाने पर कुल 10.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल आर्थिक जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यकतानुसार आगे भी विधिसम्मत कदम उठाये जायेंगे. डीएम ने कहा कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है. अवैध खनन और परिवहन के मामलों में शामिल लोगों के विरुद्ध अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) के तहत भी कड़ी कार्रवाई होगी. नदी में ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी डीएम ने कहा कि बालू माफियाओं व अवैध बालू खनन को रोकने के लिए हाइटेक तरीका अपनाएं. नदी क्षेत्र में ड्रोन कैमरे से निगरानी करें. गहरे इलाकों और तट पर हाइटेक बोट की मदद लें. इसके अलावा थानों और प्रखंड स्तर पर इनपुट सिस्टम को मजबूत करें. खनन, राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाएं. अगर सूचना मिलती है तो तुरंत एक्शन लें.

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Published by: Durgesh kumar

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