Patna News :मसौढ़ी प्रखंड के बांसडीह मुसहरी में पुलिस दमन और गरीबों पर कार्रवाई के विरोध में भाकपा माले की ओर से रविवार को जनप्रतिवाद सभा आयोजित की गयी. सभा में वक्ताओं ने सरकार से गरीबों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, पुलिस दमन रोकने और विस्थापन की कार्रवाई बंद करने की मांग की. साथ ही बुलडोजर राज के खिलाफ 13 और 14 अगस्त को प्रखंड मुख्यालयों पर सामूहिक अनशन और सत्याग्रह करने का ऐलान किया गया.
गरीबों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
सभा की अध्यक्षता माले प्रखंड कमेटी सदस्य संजय पासवान ने की. इस अवसर पर भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य सह फुलवारीशरीफ के पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि शराबबंदी की आड़ में बांसडीह मुसहरी के गरीबों पर पुलिस दमन किया जा रहा है. उन्होंने गरीबों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, जमीन का पर्चा, पक्का मकान, राशन, पेंशन और रोजगार जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा 1200 रुपये वसूली के आदेश को वापस लेने की मांग की.
बुलडोजर कार्रवाई का विरोध
खेग्रामस के जिला सचिव सतनारायण प्रसाद ने कहा कि विकास के नाम पर गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाने और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने शराबबंदी के नाम पर गरीबों के उत्पीड़न का आरोप लगाया और सरकार से कार्रवाई रोकने की मांग की.
जनप्रतिरोध से जवाब देने की चेतावनी
माले राज्य कमेटी सदस्य कमलेश कुमार ने कहा कि गरीबों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई का जनप्रतिरोध के जरिए जवाब दिया जाएगा. खेग्रामस जिला अध्यक्ष नागेश्वर पासवान ने मजदूरी मांगने पर गरीबों के साथ मारपीट और आरोपितों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया.
झड़प के बाद 26 नामजद, ग्रामीणों में गिरफ्तारी का भय
सभा में माले के मसौढ़ी प्रखंड सचिव राकेश कुमार समेत पुनपुन और नौबतपुर के पार्टी नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा शामिल हुए. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह लहसुना पुलिस और बांसडीह मुसहरी के लोगों के बीच झड़प हुई थी. इसमें दो महिला सिपाहियों समेत एक अवर निरीक्षक जख्मी हो गए थे और पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गयी थी. इस मामले में पुलिस ने 26 नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इधर, गिरफ्तारी के भय से गांव के कई लोगों के गांव छोड़कर फरार होने की बात सामने आ रही है.
