पटना जंक्शन पर स्पेशल ट्रेनों से भीड़ कम करने की कोशिश नाकाम, श्रद्धालुओं के सैलाब के आगे व्यवस्था बेबस

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ की आस्था श्रद्धालुओं को किसी भी कठिनाई से नहीं रोक पा रही है. ट्रेनों में भारी भीड़, धक्का-मुक्की और लंबी यात्राओं के बावजूद भक्त कुंभस्नान के लिए उमड़ रहे हैं. पटना जंक्शन सहित कई स्टेशनों पर आस्था का जनसैलाब देखने को मिल रहा है, जहां लोग किसी भी हाल में प्रयागराज पहुंचने के लिए तत्पर हैं.

Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पटना जंक्शन पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई भगदड़ से सबक लेते हुए देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लाइन में लगाकर ट्रेनों में चढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है. लेकिन, पटना जंक्शन पर यह सख्ती नदारद रही. यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न तो कोई लाइन लगवाई गई और न ही रस्सी से कोई घेरा बनाया गया.

बेतरतीब भीड़, सुरक्षा इंतजाम नाकाफी

मंगलवार को पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर टर्मिनल, पाटलिपुत्र और दानापुर स्टेशन पर आस्था का सैलाब उमड़ा. शाम 6:30 बजे जब मगध एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंची तो श्रद्धालु बेतरतीब तरीके से बोगियों में चढ़ने लगे. महज 15 मिनट में पूरी ट्रेन यात्रियों से भर गई. यही हाल संपूर्ण क्रांति, विक्रमशिला, श्रमजीवी और पूर्वा एक्सप्रेस का भी रहा. सामान्य बोगियों में जगह न मिलने के कारण यात्रियों ने आरक्षित बोगियों में जबरन प्रवेश कर लिया, जिससे ट्रेन में अव्यवस्था और बढ़ गई.

रेलवे प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चार स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की. लेकिन सभी ट्रेनें पूरी तरह से भर गईं. इसके बावजूद हजारों श्रद्धालु अगली ट्रेनों का इंतजार करते रहे. प्लेटफॉर्म पर अव्यवस्था इस कदर हावी रही कि यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

प्रशासनिक दावों की खुली पोल

महाकुंभ के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे. लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई. न तो प्लेटफार्म पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत थी और न ही कोई स्पष्ट सूचना तंत्र. प्लेटफॉर्म 1, 3, 4 और 5 पर भारी भीड़ लगी रही, लेकिन कहीं भी मार्गदर्शन के लिए बोर्ड तक नहीं लगाए गए थे.

Also Read: बिहार में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, रेलवे ने गया सहित इन शहरों में शुरू की तैयारी…

सुविधाओं का अभाव, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

स्टेशन परिसर के बाहर यात्रियों के लिए वेटिंग एरिया के नाम पर केवल तंबू लगा दिए गए. लेकिन, अस्थायी टिकट काउंटर और इन्क्वायरी डेस्क की कोई व्यवस्था नहीं की गई. जिससे यात्रियों को न केवल टिकट लेने में कठिनाई हुई बल्कि ट्रेन की जानकारी प्राप्त करने में भी परेशानी झेलनी पड़ी. रेलवे प्रशासन की यह लापरवाही यात्रियों की तकलीफों को ओर बढ़ा रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >