-विशेषज्ञों ने साझा किये राजकोषीय और जेंडर बजटिंग के गुर संवाददाता, पटना पटना विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मगध महिला कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल (आइक्यूएसी) और अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त सहयोग में बिहार अध्ययन व्याख्यान शृंखला के तहत बिहार बजट 2026 पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. मंगलवार को कॉलेज के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता बिहार सरकार के वित्त विभाग के अधीन बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (बीआइपीएफपी) की डॉ बरना गांगुली थीं. कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज के प्राचार्य प्रो एनपी वर्मा ने अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान की छात्राओं के लिए बजट साक्षरता की महत्ता पर प्रकाश डाला. मुख्य वक्ता डॉ बरना गांगुली ने अपने विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से बिहार बजट 2026 की संरचना, राजकोषीय प्राथमिकताओं और विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवंटित राशि का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया. उन्होंने विशेष रूप से जेंडर बजटिंग की अवधारणा पर जोर देते हुए बताया कि कैसे सार्वजनिक व्यय का जेंडर के नजरिये से विश्लेषण कर समावेशी और न्यायसंगत विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है. व्याख्यान के दौरान महिलाओं से संबंधित सरकारी नीतियों और उनके लिए संसाधन आवंटन पर भी चर्चा हुई. डॉ गांगुली ने महिला सशक्तिकरण और बिहार के सामाजिक-आर्थिक विकास पर जेंडर-संवेदी नीतियों के प्रभाव को रेखांकित किया. इस अवसर पर आइक्यूएसी समन्वयक प्रो पुष्पलता कुमारी, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ श्वेता शरण सहित कई शिक्षक और छात्राएं उपस्थित रहीं. छात्राओं ने चर्चा सत्र में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए वक्ता से संवाद किया.
मगध महिला कॉलेज में बिहार बजट 2026 पर हुआ व्याख्यान
कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज के प्राचार्य प्रो एनपी वर्मा ने अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान की छात्राओं के लिए बजट साक्षरता की महत्ता पर प्रकाश डाला
