श्रीअरविंद महिला कॉलेज में एआइ पर व्याख्यान

तकनीकी परिवर्तन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) के दौर में, दर्शन की व्यावहारिक भूमिका से अवगत कराया गया.

-फोटो है संवाददाता, पटना श्रीअरविंद महिला कॉलेज, पटना के दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से शनिवार को फिलॉसफी इन प्रैक्टिस : फ्रॉम आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स टू द आर्ट ऑफ लिविंग विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया. कॉलेज परिसर स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को समकालीन चुनौतियों, विशेषकर तकनीकी परिवर्तन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) के दौर में, दर्शन की व्यावहारिक भूमिका से अवगत कराना था. प्राचार्या प्रो साधना ठाकुर ने दर्शन को केवल अध्ययन नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ ढंग से जीने की कला बताया और छात्राओं को तकनीकी प्रगति के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया. विभाग अध्यक्ष डॉ अनुमाला सिंह ने कहा कि दर्शन ज्ञान, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों के संतुलन के लिए दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करता है. इस अवसर पर बीडी कॉलेज, पटना के दो सहायक प्राध्यापकों ने व्याख्यान प्रस्तुत किया. डॉ सिकंदर जमील ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नैतिकता के संबंध पर जोर देते हुए कहा कि विज्ञान को नैतिक मूल्यों के समावेश के साथ ही समाज के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है. वहीं, डॉ बिरेंद्र मंडल ने बताया कि सच्चा सुख बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि आत्मिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण में निहित है.कार्यक्रम का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग के गोपाल कुमार ने और धन्यवाद ज्ञापन छात्रा निशु आनंद ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: JUHI SMITA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >