लालू परिवार वंशवादी राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक: उमेश

जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा है कि सियासी स्वार्थ की पूर्ति के लिए समाजवाद का ढोंग करने वाला लालू परिवार पूरे देश में वंशवादी राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है.

पटना. जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा है कि सियासी स्वार्थ की पूर्ति के लिए समाजवाद का ढोंग करने वाला लालू परिवार पूरे देश में वंशवादी राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है. पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र जैसी कोई चीज नहीं है. यह तय हो चुका है कि इस दल में नेतृत्व सिर्फ एक ही परिवार तक सीमित रहेगा, भले ही पार्टी में अन्य योग्य, अनुभवी और समर्पित नेताओं की लंबी कतार क्यों न हो. श्री कुशवाहा ने यह बातें लालू प्रसाद के 13वीं बार राजद का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर कहीं . श्री कुशवाहा ने कहा कि बीते तीन दशकों से राजद की बागडोर एक ही व्यक्ति और उसके परिवार के हाथों में केंद्रित है. राजद अब कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ बन चुकी है, जिसका संचालन और नियंत्रण पूरी तरह से परिवार के सदस्यों के हाथों में सिमट चुका है. खुद को लोकनायक जयप्रकाश नारायण का अनुयायी बताने वाले लालू प्रसाद ने जेपी के सिद्धांतों की सबसे अधिक अवहेलना की है.

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Published by: Rakesh ranjan

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