किशनगंज SDPO ने गर्लफ्रेंड के नाम पर खरीदी जमीन, पटना में भी रहे DSP, सहरसा DRDA के ठिकानों पर भी EOU का छापा

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ EOU ने बड़ा एक्शन लेते हुए किशनगंज के SDPO गौतम कुमार और सहरसा के DRDA डायरेक्टर वैभव कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. दोनों अधिकारियों पर करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं.

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार को बड़ा एक्शन लिया. किशनगंज के SDPO गौतम कुमार और सहरसा के DRDA डायरेक्टर वैभव कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक चल रही इस कार्रवाई ने पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है.

बंगाल तक फैली छापेमारी, सुबह से ही एक्शन

EOU की टीम ने किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, पटना और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी समेत कई जगहों पर एक साथ दबिश दी. सुबह करीब साढ़े 8 बजे टीम गौतम कुमार के घर और ऑफिस पहुंची, जबकि दोपहर 12 बजे से उनके कार्यालय में गहन जांच शुरू हुई. करीब 12 अधिकारियों की टीम तीन गाड़ियों में पहुंची और दस्तावेज, कागजात व अन्य संपत्तियों की जांच में जुट गई.

SDPO पर करोड़ों की अवैध संपत्ति का आरोप

SDPO गौतम कुमार पर 1 करोड़ 94 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जो उनकी वैध आय से करीब 60.27% ज्यादा बताई जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने अपनी महिला मित्र शगूफ्ता खातून के नाम पर कई जमीनें खरीदी थीं. हालांकि बाद में ये संपत्तियां उनके बेटों के नाम गिफ्ट कर दी गईं.

ससुराल से जेवरात, कैश गिनने की मशीन मंगाई गई

छापेमारी के दौरान पूर्णिया स्थित ससुराल से भारी मात्रा में जेवरात मिलने की बात सामने आई है. इतना ही नहीं, कैश की जांच के लिए मशीन भी मंगाई गई है. टीम को कई जमीन के कागजात, बैंक खातों की डिटेल, निवेश से जुड़े दस्तावेज और महंगी गाड़ियों से संबंधित जानकारी भी मिली है.

बालू खनन और माफिया कनेक्शन की भी जांच

गौतम कुमार पर अवैध बालू खनन, लॉटरी माफिया, तस्करी और लूट से जुड़े नेटवर्क से काली कमाई करने के आरोप भी लगे हैं. हालांकि इन मामलों में उन्होंने पहले कई गिरोहों का भंडाफोड़ भी किया था, जिससे जांच और दिलचस्प हो गई है.

सीमांचल में लंबी पोस्टिंग, यहीं से जुड़ा नेटवर्क

गौतम कुमार ने 1994 बैच के दारोगा के रूप में सेवा शुरू की थी. 1996 में उनकी पहली पोस्टिंग किशनगंज में ही हुई थी. पदोन्नति के बाद वे DSP बने और लंबे समय तक किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे सीमांचल जिलों में ही तैनात रहे.

DRDA डायरेक्टर वैभव कुमार पर भी शिकंजा

इधर, EOU ने सहरसा के DRDA डायरेक्टर वैभव कुमार के ठिकानों पर भी छापेमारी की. सहरसा, मुजफ्फरपुर समेत 6 जगहों पर चल रही कार्रवाई में उनके खिलाफ 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि यह उनकी आय से करीब 78.03% अधिक है.

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Published by: Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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