किलकारी के सुमन शोध-पत्र करेंगे प्रस्तुत

पटना में आयोजित होने वाले मंजूषा महोत्सव 2025 के तहत, किलकारी की लेखन-विधा के सुमन कुमार का शोध-पत्र व्याख्यान के लिए चयनित किया गया है

संवाददाता, पटना पटना में आयोजित होने वाले मंजूषा महोत्सव 2025 के तहत, किलकारी की लेखन-विधा के सुमन कुमार का शोध-पत्र व्याख्यान के लिए चयनित किया गया है. यह कार्यक्रम 23-25 मार्च तक कला, संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार और समाहरणालय भागलपुर के संयुक्त सहयोग से आयोजित होगा. सुमन कुमार “मंजूषा-चित्रकला की मूल संरचना: आज के प्रयोग में एक विमर्श ” विषय पर अपना शोध-पत्र पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे. इस अवसर पर प्रसिद्ध मंजूषा गुरु मनोज पंडित ने सुमन को शुभकामनाएं दीं. सुमन कुमार न केवल एक कला-लेखक हैं, बल्कि कला के प्रति समर्पित चित्रकार भी हैं. उनकी कलाकृतियों की प्रदर्शनी इसी वर्ष फरवरी में बिहार ललित कला अकादमी की ओर से पटना आर्ट गैलरी में लगायी गयी थी. उन्हें 2015-16 में उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा “राज्य मेधा पुरस्कार ” से सम्मानित किया गया था. सुमन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय किलकारी और अपने लेखन-गुरु डॉ वीरेंद्र कुमार भारद्वाज को दिया है. महोत्सव में वरिष्ठ और युवा कला-लेखक, आलोचक और समीक्षक मंजूषा-चित्रकला पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By JUHI SMITA

JUHI SMITA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >