Khan Sir Flood Relief : बिहार में आई भीषण बाढ़ के बीच लाखों प्रभावित लोगों की मदद के लिए पटना के चर्चित शिक्षक खान सर भी राहत और बचाव कार्य में उतर आए हैं. खान सर करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए निकले हैं, जिनमें खाने-पीने और दैनिक जरूरत के तमाम जरूरी सामान मौजूद हैं.
खुद गाड़ी पर चढ़कर जांची राहत सामग्री
राहत सामग्री को रवाना करने से पहले खान सर का एक अनोखा अंदाज देखने को मिला. उन्होंने खुद सड़क पर उतरकर पूरी व्यवस्था संभाली और सामान की गुणवत्ता व उपलब्धता देखने के लिए गाड़ी के ऊपर चढ़ गए. सब कुछ बारीकी से चेक करने के बाद ही गाड़ियों को जरूरतमंद परिवारों के लिए रवाना किया गया.
सवालों के बीच सेवा भाव से दिया जवाब
पिछले कुछ दिनों से लोग सवाल उठा रहे थे कि संकट के इस दौर में खान सर अभी तक पीड़ितों की मदद के लिए सामने क्यों नहीं आए हैं. हालांकि, सामने आई जानकारी के अनुसार वे गायब नहीं थे, बल्कि राहत सामग्री जुटाने और पुख्ता इंतजाम करने में लगे हुए थे.
Khan Sir समेत शिक्षकों की मुहिम से पीड़ितों को मिल रहा सहारा
बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद की इस कड़ी में सबसे पहले 'फिजिक्स वाला' के अलख पांडेय सर ने पहल की थी. इसके बाद रोशन आनंद सर मैदान में उतरे और अब खान सर के जुड़ने से राहत अभियान को और मजबूती मिली है. इसके साथ ही लोगों को उम्मीद है कि पूर्व में नेपाल के पीड़ितों की मदद करने वाले अभिनेता सोनू सूद भी जल्द बिहार के बाढ़ पीड़ितों के समर्थन में आगे आएंगे.
बिहार के 15 जिलों की 49.74 लाख आबादी अभी बाढ़ से प्रभावित
बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर से पटना, भोजपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 पंचायतों में 49.74 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंडक (डुमरिया घाट), कोसी (बलतारा, कुरसेला), गंगा (गांधीघाट, हाथीदह, कहलगांव), पुनपुन (श्रीपालपुर) और बागमती (बेनीबाद, सोनाखान) नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं.
राघोपुर पहुंचे CM व केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान
बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को वैशाली के बाढ़ प्रभावित राघोपुर इलाके का जायजा लेने पहुंचे. दोनों नेताओं ने तेरसिया और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों तथा किसानों से बातचीत की. बाढ़ के पानी और जलभराव वाले इलाकों तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर का भी इस्तेमाल किया गया.
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