Tejashwi Yadav: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है. जीतन राम मांझी ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह मानते हैं कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कुछ गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि बिहार की जेलों में एक खास जाति के लोगों की संख्या करीब 40 फीसदी है. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों को सरकार से मिली पर्चे वाली जमीनों पर भी बड़ी संख्या में उसी जाति के लोगों ने कब्जा कर रखा है.
एक ही जाति का अत्याचार
मांझी ने दलित अत्याचार कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इस कानून के तहत दर्ज मामलों में भी बड़ी संख्या एक ही जाति के लोगों पर दर्ज है. उन्होंने मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों को भी उठाया. मांझी ने दावा किया कि कब्रिस्तान और वक्फ की कब्जाई गई जमीनों में भी सबसे ज्यादा कब्जा उसी जाति के लोगों का है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
अब दलित नहीं डरेगा – मांझी
जीतन राम मांझी ने दंगों के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिमों पर अत्याचार से जुड़े केसों में भी एक खास जाति के लोगों का नाम सबसे ज्यादा सामने आता है. पोस्ट के आखिर में उन्होंने कहा कि अब जवाब देना होगा और दलित समाज अब डरने वाला नहीं है.
मांझी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर बहस शुरू हो गई है. अब सबकी नजर राजद और तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है कि वे इन सवालों का क्या जवाब देते हैं.
इसे भी पढ़ें: 23 मई से बदलेगा बिहार में मौसम का मिजाज, IMD ने आंधी-तूफान और बारिश को लेकर जारी किया डबल अलर्ट
