मुंबई क्रूज ड्रग्स केस की जांच कर रहे NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर सियासी हमले तेज हो गये हैं. महाराष्ट्र के बाद अब बिहार के सियासी गलियारों में भी अब एनसीबी के अधिकारी से जुड़े विवादों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गयी है. बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अब समीर वानखेड़े के जाति और धर्म को लेकर सवाल खड़े किये हैं.
बिहार में एनडीए के साथी दल हम पार्टी के मुखिया व बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने समीर वानखेड़े पर हमला बोला है. मांझी ने बुधवार को एक निकाहनामा साझा किया है और ट्वीट के जरिये सवाल उठाया है कि यदि समीर वानखेडे अपने शादी के समय मुस्लिम थे तो अब दलित कैसे बन गए.
मांझी ने लिखा कि – ‘कही ये पंजाब के आरक्षित सीट फरीदकोट(SC) से कांग्रेस के सांसद मो.सादिक अली टाईप फर्जी सर्टिफिकेट वाले दलित तो नहीं.’ मांझी ने आरोप लगाया कि ऐसे ही लोग आरक्षण की डकैती कर SC/ST/OBC वर्ग के लोगों का अधिकार छिन रहें हैं.
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गौरतलब है कि मांझी हाल में ही फर्जी तरीके से दलित बनकर आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ने का आरोप कुछ सांसदों पर लगा चुके हैं. वहीं दूसरी तरफ अब समीर वानखेड़े का मुद्दा भी गहराता जा रहा है. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के उपर लगातार नये आरोप लगाते जा रहे हैं.
मंत्री ने अब दावा किया है कि एनसीबी अधिकारी का निकाह वर्ष 2006 में एक मुस्लिम लड़की से हुआ था. उन्होंने समीर वानखेड़े का नाम दाऊद वानखेड़े और पत्नी का नाम शबाना कुरैशी बताया. मुंबई के लोखंड वाला परिसर में निकाह का दावा नवाब मलिक कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि समीर वानखेड़े ने आईआरएस की नौकरी पाने के लिए फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाया और अनुसूचित जाति की कैटेगरी में नौकरी पाए.
Published By: Thakur Shaktilochan
