Bharat Tiwari Encounter: (कृष्ण कुमार, पटना) भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने एनकाउंटर पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भरत तिवारी का महिमामंडन करने की कोशिश की जा रही है, जबकि वह कोई क्रांतिकारी नहीं था.
मांझी ने कहा कि दलितों का एनकाउंटर होता है तो कहा जाता है ‘नक्सली था मारा गया’, मुसलमान का एनकाउंटर होता है तो कहा जाता है ‘आतंकवादी था मारा गया’. ऐसा कहने वाले लोग ही भरत तिवारी के एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं.
मांझी बोले- भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहां से आई?
मांझी ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहां से आई? किन लोगों के शह पर इस आपराधिक वारदात पर राजनीति हो रही है? देश संविधान से चलेगा या फिर अवैध पिस्टल की नोक से?
उन्होंने आगे कहा कि भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था. जातिवादी मानसिकता के लोग समर्थन कर रहें हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी अपराधिक मामले को लेकर इसकी गिरफ्तारी हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि इस दोहरे रवैये पर भी चर्चा होनी चाहिए और यह समझना होगा कि आखिर कुछ लोग इस मामले को लेकर इतना शोर क्यों मचा रहे हैं.
शेर के जरिए साधा निशाना
अपने सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में मांझी ने एक शेर भी साझा किया. उन्होंने लिखा-
“लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार तुम्हारा है,
तुम झूठ को सच लिख दो, अखबार तुम्हारा है.”
इस शेर के माध्यम से उन्होंने अपने विरोधियों और मामले को लेकर चल रही बहस पर परोक्ष रूप से निशाना साधा.
एनकाउंटर पर जारी है सियासी घमासान
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति में लगातार बयानबाजी हो रही है. विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों और सरकार के पक्ष में दिए जा रहे तर्कों के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है.
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