Nitish Kumar Meeting: बिहार की सियासत में जारी उठापटक और समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आज जनता दल यूनाइटेड (JDU) का अहम कार्यक्रम होने जा रहा है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में जदयू के विधायक और विधान परिषद सदस्य पटना में जुटेंगे. पार्टी की ओर से इसे एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम बताया गया है. कार्यक्रम जदयू प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित होगा.
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के मुताबिक, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पार्टी के जनप्रतिनिधियों को विधायी कार्यों की बेहतर समझ देना है. इसमें कानून बनाने की प्रक्रिया, विधायी जिम्मेदारियों और सदन में अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को तथ्यपरक और प्रभावी तरीके से उठाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी. कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र भी रखा गया है.
सत्ता परिवर्तन के बाद बैठक पर सियासी नजर
यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा जारी है. ऐसे में जदयू के विधायक और विधान परिषद सदस्यों का एक साथ पटना पहुंचना राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बना हुआ है.
हालांकि, जदयू ने स्पष्ट किया है कि 18 सितंबर का कार्यक्रम मुख्य रूप से ओरिएंटेशन प्रोग्राम है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने उन अटकलों को खारिज किया है, जिनमें बैठक के दौरान किसी बड़े राजनीतिक फैसले की संभावना जताई जा रही थी.
विधायी कामकाज पर रहेगा फोकस
ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विधायी जिम्मेदारियों और समितियों, कानून बनाने की प्रक्रिया, देश में हुए हालिया विधायी बदलावों, राज्य के बजट तथा बिहार की अर्थव्यवस्था और वित्त से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी. इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को सदन की कार्यवाही और विधायी प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की बेहतर जानकारी देना है.
पार्टी के मुताबिक, जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में बेहतर तरीके से रखने के लिए जरूरी जानकारी और संसदीय प्रक्रिया की समझ दी जाएगी. राजहित और जनकल्याण से जुड़े विषयों को तथ्यपरक तरीके से सदन में उठाने पर भी जोर रहेगा.
UCC को लेकर भी जारी है राजनीतिक बहस
जदयू का कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब बिहार में UCC को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है. जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा है कि पार्टी UCC के प्रस्ताव का ड्राफ्ट सार्वजनिक होने के बाद उसके प्रावधानों का अध्ययन करेगी. इसके बाद संबंधित मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की जाएगी.
इससे पहले जदयू नेता श्याम रजक ने बिहार में UCC लागू किए जाने का विरोध करने की बात कही थी. वहीं, पार्टी की ओर से बाद में कहा गया कि ड्राफ्ट सामने आने के बाद उसके प्रावधानों का अध्ययन कर अंतिम रुख तय किया जाएगा.
RJD के ऑफर के बाद बढ़ी सियासी चर्चा
UCC के मुद्दे पर जदयू के रुख के बीच RJD नेता भाई वीरेंद्र ने जदयू को NDA से अलग होकर महागठबंधन में शामिल होने और सरकार बनाने में सहयोग करने का सार्वजनिक प्रस्ताव दिया है. उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चा और तेज हो गई है.
हालांकि, जदयू की ओर से RJD के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने या महागठबंधन में वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है. वहीं, जदयू ने 18 सितंबर के कार्यक्रम को किसी बड़े राजनीतिक फैसले से जोड़ने वाली अटकलों को खारिज किया है.
नीतीश कुमार करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. पार्टी की ओर से बताया गया है कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को विधायी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. इसमें सदन में अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी.
फिलहाल जदयू की ओर से कार्यक्रम का घोषित एजेंडा विधायी प्रशिक्षण और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करना है. हालांकि, UCC और बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच बैठक में नेताओं के बयानों पर राजनीतिक नजर बनी रहेगी.
