Industry In Bihar: बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं लाई जा रही हैं. ऐसे में बिहार में इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत निवेश प्रस्तावों में तेजी आई है. बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (बीआईआईपीपी) 2025 और पहले से चली आ रही निवेश प्रोत्साहन नीतियों के तहत बिहार निवेश प्रोत्साहन पर्षद (एसआईपीबी) ने 47 कंपनियों के 1191 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को पहला क्लियरेंस दिया है.
22 कंपनियों के प्रस्ताव पर मंजूरी
विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हाल के दिनों में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. इसके अलावा इसी बैठक में 22 कंपनियों के 383 करोड़ के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए फाइनेंशियल क्लियरेंस भी दे दिए हैं. इस बैठक में जिन निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है, उनमें फोर स्टार होटल, फार्मास्युटिकल यूनिट और मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल निर्माण से संबंधित सबसे खास हैं.
सात निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी
बीआईआईपीपी-2025 के तहत 581 करोड़ के सात निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है. इनमें सबसे अहम 426 करोड़ के दो प्रस्ताव हेल्थ केयर सेक्टर के हैं. इसमें सबसे अहम प्रस्ताव 377 करोड़ का है. बुद्धा हॉस्पीटल रिसर्च इंस्टीट्यूट इस प्रस्ताव के जरिए गया में 650 बेड का अस्पताल खोलने जा रहा है.
साथ ही 150 एमबीबीएस सीट का मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहा है. इसी तरह एक कंपनी भागलपुर में 60 बेड का अस्पताल खोलने जा रही है. यह प्रस्ताव करीब 48.87 करोड़ का है. इसके अलावा फार्मास्युटिकल कंपनी सिलिका हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड 105 करोड़ के निवेश से वैशाली में एक विशेष दवा उत्पाद बनाने का प्रस्ताव लेकर आई है.
हेल्थकेयर से जुड़े प्रस्तावों पर भी मंजूरी
मीटिंग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य निवेश प्रोत्साहन की अन्य पॉलिसी के तहत 610 करोड़ के 40 निवेश प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है. इसके तहत बाढ़ के बेलछी में 750 बेड का स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने का प्रस्ताव है. इसमें करीब 72 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है. बेगूसराय में 90 बेड का मल्टी स्पेशिलिटी अस्पताल और 90 सीट का नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा पटना जिले के खगौल में एक आधुनिक हॉस्पिटल निर्माण के प्रस्ताव शामिल हैं.
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