पटना एयरपोर्ट पर लैंडिंग से पहले अचानक वाराणसी डायवर्ट हुई फ्लाइट, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह सहित 176 यात्री थे सवार, जानिए पूरा मामला

Patna Airport Flight Diverted : सुरक्षा कारणों से इंडिगो की दिल्ली-पटना फ्लाइट 6E 2453 को रनवे पर पक्षियों के झुंड के कारण वाराणसी डायवर्ट किया गया. इस फ्लाइट में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह समेत 176 यात्री सवार थे. करीब दो घंटे बाद विमान को पटना लाया गया.

Patna Airport Flight Diverted : पटना एयरपोर्ट पर रनवे के पास अचानक पक्षियों का झुंड दिखाई देने के बाद सुरक्षा कारणों से इंडिगो की दिल्ली-पटना फ्लाइट 6E 2453 को वाराणसी डायवर्ट करना पड़ा. विमान में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह समेत 176 यात्री सवार थे. करीब दो घंटे बाद विमान को वाराणसी से पटना लाया गया. इस दौरान पटना से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी करीब तीन घंटे इंतजार करना पड़ा.

शाम 4.15 बजे पटना पहुंचने वाली थी फ्लाइट

इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 2453 दिल्ली से उड़ान भरकर शाम करीब 4.15 बजे पटना पहुंची थी. इसी दौरान एयरपोर्ट के रनवे पर पक्षियों का झुंड मौजूद होने की जानकारी मिली. विमान की सुरक्षित लैंडिंग को देखते हुए इसे पटना में उतारने के बजाय वाराणसी डायवर्ट करने का फैसला लिया गया.

विमान में केंद्रीय मंत्री समेत 176 यात्री सवार थे

फ्लाइट में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह समेत कुल 176 यात्री सवार थे. पक्षियों की मौजूदगी के कारण विमान को पटना में उतारना जोखिम भरा माना गया. इसके बाद विमान को वाराणसी भेज दिया गया, जहां उसे सुरक्षित उतारा गया.

पटाखे छोड़कर पक्षियों को भगाया गया

पटना एयरपोर्ट पर पक्षियों के झुंड को रनवे से हटाने के लिए पटाखे छोड़े गए. इसके बाद जब रनवे को विमान संचालन के लिए सुरक्षित माना गया, तब वाराणसी डायवर्ट किए गए विमान को पटना लाने की प्रक्रिया शुरू हुई.

शाम 6.20 बजे वाराणसी से पटना पहुंची फ्लाइट

पक्षियों के झुंड को हटाने के बाद इंडिगो की यही फ्लाइट शाम करीब 6.20 बजे वाराणसी से पटना पहुंची. यानी पटना में तय समय से काफी देर बाद विमान की लैंडिंग हो सकी. इस दौरान यात्रियों को अतिरिक्त समय तक एयरपोर्ट और विमान संचालन में देरी का सामना करना पड़ा.

पटना से दिल्ली जाने वाले 167 यात्री करते रहे इंतजार

इधर, इसी विमान से पटना से दिल्ली जाने वाले 167 यात्रियों को करीब तीन घंटे तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा. फ्लाइट के वाराणसी डायवर्ट होने के कारण इसका असर आगे की उड़ान पर भी पड़ा और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा.

पहले भी बर्ड हिट की घटनाएं बढ़ा चुकी हैं चिंता

पटना एयरपोर्ट पर पक्षियों की मौजूदगी को लेकर पहले भी चिंता सामने आती रही है. हाल ही में प्रमंडलीय आयुक्त ने एयरपोर्ट परिसर में बैठक कर बर्ड हिट की समस्या के समाधान को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए थे. इसके बावजूद रनवे के आसपास पक्षियों का झुंड मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

24 अगस्त को एयर इंडिया की फ्लाइट से टकराया था पक्षी

इससे पहले 24 अगस्त को पटना एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की एक फ्लाइट के इंजन की टरबाइन से पक्षी टकरा गया था. उस समय विमान रनवे से करीब 20 फीट की ऊंचाई पर था. हालांकि पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

रनवे निरीक्षण में मिला था चमगादड़ का अवशेष

23 अगस्त को भी पटना एयरपोर्ट पर रनवे के रूटीन निरीक्षण के दौरान करीब 1.5 किलोग्राम वजन वाले मरे हुए चमगादड़ का अवशेष मिला था. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच रनवे और उसके आसपास पक्षियों तथा अन्य जीवों की मौजूदगी को लेकर एयरपोर्ट प्रशासन के सामने सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती बनी हुई है.

बर्ड हिट का खतरा क्यों गंभीर है

एयरपोर्ट के रनवे या उड़ान मार्ग के आसपास पक्षियों का झुंड विमान संचालन के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है. टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान विमान अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर होता है, ऐसे में पक्षी के इंजन या विमान के दूसरे हिस्से से टकराने की स्थिति में तकनीकी समस्या पैदा हो सकती है. यही वजह है कि रनवे पर पक्षियों की मौजूदगी मिलने पर एहतियाती कदम उठाए जाते हैं.

Also Read : पटना के 15 थानों के थानाध्यक्ष बदले, पाटलिपुत्र, जक्कनपुर और कंकड़बाग को मिले नए SHO, जानिए किसे मिली कहां की जिम्मेदारी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By साक्षी कुमारी

साक्षी कुमारी को डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है. पिछले तीन वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव है. बिहार की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी अच्छी समझ है, जिससे वह पाठकों तक समय पर और प्रभावी ढंग से खबरें पहुंचाने में दक्ष हैं. तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यशैली है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >