भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर सीजफायर को लेकर सहमति बनी लेकिन पाकिस्तान ने थोड़ी देर बाद ही बॉर्डर पर गोलीबारी शुरू कर दी. बिहार के सारण जिले के नारायणपुर निवासी BSF के सब-इंस्पेक्टर इस गोलीबारी में शहीद हो गए. उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया गया. जहां उन्हें आखिरी विदाई दी गयी.
पटना एयरपोर्ट पहुंचा शहीद इम्तियाज का पार्थिव शरीर
सोमवार को शहीद मो. इम्तियाज का पार्थिव शरीर जम्मू से पटना एयरपोर्ट लाया गया. जवानों के कंधे पर जो ताबूत था उसमें उनका अपना एक साथी गर्व से सोया हुआ था. गर्व इस बात का कि देश के लिए अपने प्राणों की कुर्बानी दे दी. दुश्मन से लड़ते हुए मो. इम्तियाज अपने साथियों को बॉर्डर पर बचाते हुए बलिदान हो गए. और अब अपने गांव लौटे हैं आखिरी विदाई लेने. जहां बचपन से लेकर जवानी तब गुजरी.
नेताओं ने एयरपोर्ट पर दी श्रद्धांजलि
सोमवार को पटना एयरपोर्ट पर शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचा तो बिहार के नेताओं ने भी जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की. मंत्री नितिन नवीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की.
गांव पहुंचते ही उमड़ी भीड़
सोमवार को जैसे ही शहीद मो. इम्तियाज का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. गड़खा से मानपुर के बीच हर चौक-चौराहे पर लोग वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए खड़े थे. बच्चा से लेकर बुजुर्ग तक इस भीड़ में शामिल थे और शहीद की एक झलक पाने को बेचैन थे.
शहीद के लिए जनसैलाब उमड़ा
शहीद इम्तियाज के पार्थिव शरीर को पटना से गड़खा लाते समय रास्ते में लोगों का जनसैलाब दिखा. सड़क के दोनों किनारे पर खड़े होकर लोग नारे लगाते रहे. बाइक सवार युवाओं ने वीर शहीद इम्तियाज अमर रहे, हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए.
शहीद के जनाजे में शामिल हुए हजारों लोग
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ा. प्रशासन माइकिंग से अपील कर रही थी कि लोग संयम बनाए रखें लेकिन भीड़ ऐसी थी कि हर कोई शहीद को देखने के लिए बेचैन था. गांव से बड़ी संख्या में करीब 10 किलोमीटर मानपुर तक लोग साथ चलते रहे.
पिता की शहादत पर इमरान को गर्व, सरकार से की ये मांग…
शहीद इम्तियाज के बेटे इमरान ने अपने पिता की शहादत पर गर्व जताते हुए लोगों को भावुक कर दिया. इमरान ने कहा कि अपने पिता को खोने का गम भी है तो उनपर गर्व भी. पाकिस्तान और आतंकवादियों को कड़ा सबक सिखाने की मांग इमरान से सरकार से की.
