शिष्यों के चरित्र निर्माण में गुरुओं की महत्वपूर्ण भूमिका

गुरु पूर्णिमा पर कॉलेज ऑफ कॉमर्स में एनएसएस और वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किया गया़

संवाददाता, पटना

गुरु पूर्णिमा पर कॉलेज ऑफ कॉमर्स में एनएसएस और वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किया गया़ कार्यक्रम में प्रधानाचार्य प्रो इंद्रजीत प्रसाद राय ने गुरु-शिष्य के बीच नि:स्वार्थ प्रेम और लगाव की चर्चा करते हुए कहा कि शिष्यों के चरित्र निर्माण में गुरुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता में माता-पिता के बाद सबसे ज्यादा खुशी उनके गुरुजन की ही होती है. इस अवसर पर छात्रों ने गुरु वंदना, गुरु का चरण पखारना और आरती की. एनएसएस के पदाधिकारी प्रो राजीव रंजन ने भी छात्रों की सफलता में गुरु के योगदान प्रकाश डाला. इस अवसर अन्य लोगों के अलावा विनोद कुमार, जितेंद्र, ग्रुप लीडर दिवाकर कुमार, एंटी रैगिंग स्क्वायड लीडर शुभम कुमार, विकाश, सूर्या, आयुषी, संजीव, प्रवीन समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र व छात्राएं उपस्थित थे.

गुरु-शिष्य परंपरा हमारी शिक्षा की धरोहर : प्रो छाया सिन्हा : पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. विभागाध्यक्ष प्रो छाया सिन्हा ने कहा कि आदि गुरु महर्षि वेदव्यास के जन्मदिन के उपलक्ष्य में गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है, जिन्होंने भगवत पुराण, महाभारत, ब्रह्मसूत्र और अट्ठारह पुराणों की रचना की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >