IIT Patna : अम्हारा स्थित आईआईटी पटना के इन्क्यूबेशन सेंटर में ‘उन्नति एआई 2.0-उन्नति से प्रगति’ रोडशो और ‘इनक्यूबेशन मैनेजर्स ट्रेनिंग एंड इंटरेक्शन सेशन’ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न हिस्सों से 100 से अधिक प्रतिभागियों और क्षेत्र के 10 स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य स्टार्टअप, नवोन्मेषकों, उद्यमियों, इनक्यूबेटरों और छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक, स्टार्टअप के अवसरों और उन्नति एआई 2.0 की संभावनाओं से अवगत कराना था.
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत एसएसी हॉल में दीप प्रज्वलन के साथ हुई. इन्क्यूबेशन सेंटर आईआईटी पटना के प्रोफेसर-इन-चार्ज एवं सचिव डॉ. पीके तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया. इसके बाद आईएसबीए की सीईओ सुधा सेलवराज और सीआईआई बिहार एजुकेशन के सह-संयोजक प्रो. डॉ. करुणाकर झा ने अपने विचार रखे. एफआईटीटी दिल्ली के मैनेजर प्रसंजीत सिन्हा ने प्रतिभागियों को उन्नति एआई 2.0 के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
एआई और स्टार्टअप विकास पर प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान इनक्यूबेशन इकोसिस्टम, एआई तकनीक और स्टार्टअप विकास को लेकर विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए. सुधा सेलवराज ने इनक्यूबेशन इकोसिस्टम पर इंटरैक्टिव सत्र लिया. वहीं, कोएनिग के ट्रेनर आकाश ने एआई डेवलपर कार्यशाला में प्रतिभागियों को गिटहब कोपायलट, जेनरेटिव एआई और जिम्मेदार एआई के उपयोग की जानकारी दी.
स्टार्टअप्स ने प्रस्तुत किए अपने नवाचार
एलीवेटर पिच सत्र के दौरान विभिन्न स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार और समाधान प्रस्तुत किए. प्रतिभागियों को एआई के माध्यम से नए समाधान विकसित करने और स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में भी जानकारी दी गयी.
कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग लंच के साथ हुआ. इस दौरान प्रतिभागियों ने एआई आधारित परियोजनाओं, स्टार्टअप की संभावनाओं और भविष्य में सहयोग के अवसरों पर चर्चा की.
250 से अधिक स्टार्टअप्स को मिल चुका है सहयोग
इन्क्यूबेशन सेंटर आईआईटी पटना की स्थापना वर्ष 2015 में हुई थी. केंद्र अब तक 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन, फंडिंग, मेंटरशिप और आधारभूत सुविधाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान कर चुका है.
