संवाददाता, पटना श्रीअरविंद महिला कॉलेज में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आइसीटी) प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का 30 घंटे का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. 12 दिनों तक चलने वाले इस पाठ्यक्रम के तहत छात्राओं को बुनियादी कंप्यूटर कौशल से परिचित कराया गया. समापन अवसर पर आयोजित समारोह में कुल 19 छात्राओं में से 14 छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया. कॉलेज की प्राचार्या प्रो साधना ठाकुर ने सफल छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा किसी भी छात्रा के लिए विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है. इस पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्राएं न केवल तकनीकी दक्षता प्राप्त कर रही हैं, बल्कि वे अपने आत्मविश्वास और रोजगार संभावनाओं को भी मजबूत कर रही हैं. आइसीटी समन्वयक डॉ आदित्य भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कंप्यूटर के बुनियादी प्रयोगों से परिचित कराना और उन्हें डिजिटल माध्यमों में दक्ष बनाना है. आने वाले समय में यह दक्षता उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन दोनों में सहायक सिद्ध होगी. कार्यक्रम में दर्शनशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ गोपाल कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि यह छात्रों को एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती है. कंप्यूटर ज्ञान के साथ यदि आलोचनात्मक और नैतिक दृष्टिकोण भी जुड़ जाये, तो शिक्षा और अधिक सार्थक बनती है. प्रशिक्षक सनी कुमार ने पूरे पाठ्यक्रम के दौरान छात्राओं को कंप्यूटर शिक्षा की बारीकियों से अवगत कराया और उन्हें डिजिटल साक्षरता की उपयोगिता के बारे में बताया.
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