मनरेगा की 15149 योजनाओं को चयन के बाद से ही नहीं मिली राशि

राज्यभर में मनरेगा की 15149 को योजनाओं में चयन के बाद से ही राशि नहीं मिली. इतनी संख्या में योजनाएं चयनित हुईं, मगर इन पर राशि खर्च नहीं की गयी. दरभंगा, सारण, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले में सबसे अधिक संख्या में योजनाओं पर राशि खर्च नहीं हुई है.

दरभंगा, सारण, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और वैशाली में सबसे अधिक योजनाओं को नहीं मिली राशि संवाददाता, पटना राज्यभर में मनरेगा की 15149 को योजनाओं में चयन के बाद से ही राशि नहीं मिली. इतनी संख्या में योजनाएं चयनित हुईं, मगर इन पर राशि खर्च नहीं की गयी. दरभंगा, सारण, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले में सबसे अधिक संख्या में योजनाओं पर राशि खर्च नहीं हुई है. दरभंगा में 1521, भोजपुर में 623, मधुबनी में 895, मुजफ्फरपुर में 625, पश्चिम चंपारण में 901, पूर्वी चंपारण में 871, समस्तीपुर में 795, सीतामढ़ी में 1111, सारण में 1164, वैशाली में 795 योजनाओं को राशि नहीं मिली हुई है. ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में ये तथ्य सामने आये हैं. भागलपुर में 483, पटना में 471, गया में 447 योजनाओं को राशि नहीं मिली है, जबकि जमुई में 317, कटिहार में 320, नवादा में 379, अररिया में 346 योजनाओं को राशि नहीं मिली है. वहीं, औरंगाबाद में 233, पूर्णिया में 286, सीवान में 211, खगड़िया में 205 योजनाओं को राशि नहीं दी गयी. अरवल में 103, बांका में 176, बेगूसराय में 165, जहानाबाद में 155, कैमूर में 151, किशनगंज में 158, लखीसराय में 129, मधेपुरा में 195, मुंगेर में 123, सहरसा में 253, शिवहर में 160, सुपौल में 129 योजानाओं को राशि नहीं मिली है, जबकि बक्सर में 53, गोपालगंज में 30, रोहतास में 50, शेखपुरा में 50 और नालंदा में 72 योजनाओं को राशि नहीं मिली है.

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Published by: Rakesh ranjan

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