पटना . नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत के मामले में सामने आये नये तथ्यों के बाद पुलिस मुख्यालय इस वारदात को गंभीरतम आपराधिक साजिश मानकर जांच कराने में जुटा है. पुलिस मुख्यालय ने हॉस्टल-हॉस्पिटल, परिवार और थाना-अनुमंडल पुलिस सभी की भूमिका की जांच करने का निर्णय लिया है. मंगलवार की दोपहर एडीजी सीआइडी पारसनाथ और एडीजी मुख्यालय सुनील कुमार के बीच लंबी बैठक हुई. सूत्रों के अनुसार डीजीपी ने विधानसभा सत्र से पहले इस हाइ प्रोफाइल मामले का खुलासा करने का निर्देश दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय ने 59 बिन्दुओं में जो दिशा निर्देश भेजे हैंं, उसमें से कम से कम 40 सवाल का उत्तर खोजने का निर्देश आइजी सेंट्रल और एसएसपी पटना को दिया गया है. इसके लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में बनी एसआइटी के प्रत्येक सदस्य को स्पेशल टास्क दिया गया है. मुख्यालय ने जांच के जो बिन्दु भेजे हैं, हर बिन्दु के लिए टीम बनायी जायेगी. मोबाइल से किस तरह का पेमेंट हुआ, इसकी भी हो रही जांच: पीड़िता के मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट अब जांच के केंद्र में हैं. छात्रा के मोबाइल नंबर से संचालित ऑनलाइन पेमेंट एप्स की जानकारी जुटायी जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि खर्च किस प्रकार के थे. लेन-देन का समय क्या था और धन का स्रोत क्या है. जांच अधिकारियों के अनुसार, ये ट्रांजेक्शन उसके जीवन के अंतिम चरण की परिस्थितियों को समझने में निर्णायक हो सकते हैं.
पुलिस मुख्यालय ने एसआइटी से मांगा 40 सवालों का जवाब
हानाबाद की छात्रा की मौत के मामले में सामने आये नये तथ्यों के बाद पुलिस मुख्यालय इस वारदात को गंभीरतम आपराधिक साजिश मानकर जांच कराने में जुटा है.
