Hajipur News: (कैफ अहमद) उत्तर बिहार की लाइफ लाइन माने जाने वाले महात्मा गांधी सेतु (Mahatma Gandhi Setu) पर सोमवार रात अव्यवस्था का गंभीर नजारा देखने को मिला. सेतु पर स्ट्रीट लाइट बंद रहने के कारण पूरा पुल अंधेरे में डूबा रहा. स्थिति ऐसी थी कि पुल से गुजरने वाले वाहनों की हेडलाइट ही रोशनी का एकमात्र सहारा बनी हुई थी. अंधेरे के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और हादसे की आशंका लगातार बनी रही.
खराब ट्रक से लगा लंबा जाम, घंटों रेंगते रहे वाहन
इसी दौरान पाया संख्या 30 के समीप एक ट्रक खराब हो जाने से हाजीपुर से पटना जाने वाली पूर्वी लेन में लंबा जाम लग गया. रात करीब 10 बजे से 12 बजे तक वाहन रेंगते रहे. जाम के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. खासकर छोटे वाहनों और दोपहिया चालकों में दुर्घटना का डर बना रहा.
बिजली संकट से और बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण भी महात्मा गांधी सेतु अंधेरे में डूबा रहा. इधर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. मेंटेनेंस और ओवरलोड की वजह से लंबे समय तक बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोग गर्मी में बेहाल हैं.
यात्रियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सेतु पर पर्याप्त रोशनी नहीं रहने से दुर्घटना की संभावना काफी बढ़ जाती है. खासकर रात के समय दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. लोगों ने कहा कि महात्मा गांधी सेतु उत्तर बिहार को राजधानी पटना से जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए यहां बेहतर रोशनी और सुचारु यातायात व्यवस्था बेहद जरूरी है.
NHAI पर उठे सवाल, लोगों ने की कार्रवाई की मांग
जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी सेतु के रखरखाव और लाइट व्यवस्था की जिम्मेदारी National Highways Authority of India (NHAI) के अधीन एजेंसी की है. इसके बावजूद पुल पर लगातार स्ट्रीट लाइट बंद रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं. लोगों ने प्रशासन से अविलंब स्ट्रीट लाइट चालू कराने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है.
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