Patna Crime: व्यवहार न्यायालय, दानापुर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 के. अंजलि ने मासूम नाती की हत्या के मामले में दोषी पाए गए नाना दुखित यादव को आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
प्रभारी अपर लोक अभियोजक रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि यह मामला दुल्हिनबाजार थाना में दर्ज किया गया था. मृतक आयुष कुमार भोजपुर जिले के नारायणपुर के केशोपुर गांव का निवासी था. उसकी हत्या का आरोप उसके नाना दुखित यादव पर लगाया गया था.
कुएं से बरामद हुआ था मासूम का शव
मृतक की मां रीना कुमारी ने अपने पिता दुखित यादव के विरुद्ध आयुष कुमार का अपहरण कर उसकी हत्या करने और शव को कुएं में फेंकने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी. 25 अप्रैल 2022 को गांव के एक कुएं से आयुष कुमार का शव बरामद किया गया था. अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी दुखित यादव के विरुद्ध पूर्व में भी हत्या का आरोप लगाया जा चुका है, जबकि उसके पुत्र राकेश पर गोलीबारी का आरोप है.
साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया फैसला
प्रभारी अपर लोक अभियोजक ने बताया कि सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 के. अंजलि ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुखित यादव को दोषी करार दिया. अदालत ने दोषी को आजीवन सश्रम कारावास के साथ 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि दोषी निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
