EOU Raid: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जमुई के ग्रामीण कार्य प्रमंडल इंजिनियर गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की. 15 मई को दर्ज केस के बाद 16 मई को पटना, जमुई समेत उनके कुल चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. गोपाल कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सरकारी सेवा के दौरान ज्ञात आय से करीब 81.5 प्रतिशत अधिक संपत्ति बनाई. शुरुआती जांच में उनकी वैध आय लगभग 2 करोड़ 6 लाख रुपये आंकी गई, जबकि इससे कहीं अधिक संपत्ति के प्रमाण मिले हैं.
कई जिलों में दे चुके हैं सेवा
गोपाल कुमार अक्टूबर 2008 में बिहार सरकार की सेवा में आए थे और असिस्टेंट इंजिनियर से लेकर एग्जीक्यूटिव इंजिनियर तक कई पदों पर काम कर चुके हैं. वह पटना, मधेपुरा, मोतिहारी, भोजपुर, बक्सर और छपरा जैसे जिलों में भी सेवा दे चुके हैं. 2022 में उन्हें एग्जीक्यूटिव इंजिनियर बनाया गया था.
आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष निगरानी अदालत पटना से तलाशी वारंट लेकर उनके पटना स्थित मजिस्ट्रेट कॉलोनी, ज्योतिपुरम के जगत विला अपार्टमेंट, जमुई स्थित किराए के आवास, झाझा ऑफिस और पटना के राजाबाजार स्थित ससुराल में छापेमारी की.
क्या-क्या बरामद हुआ
पटना के जगत विला अपार्टमेंट से 39 लाख 65 हजार रुपये नकद बरामद किए गए. इसके अलावा करीब 47 लाख रुपये के आभूषणों की खरीद से जुड़े दस्तावेज मिले. तलाशी में 424.08 ग्राम सोने के आभूषण मिले, जिनकी कीमत लगभग 60 लाख 47 हजार रुपये बताई गई है. साथ ही लगभग 1 किलो चांदी के आभूषण भी मिले हैं.
जांच में यह भी सामने आया कि सगुना मोड़ स्थित जेबी मॉल में लगभग 70 लाख रुपये कीमत की दो व्यावसायिक दुकानें खरीदी गई हैं. दानापुर बाजार समिति के पास 1.25 कट्ठा जमीन और उस पर जी प्लस 3 निर्माण से जुड़े कागजात भी मिले हैं.
इसके अलावा लक्ष्मी कॉटेज, दानापुर में 4 BHK फ्लैट के लिए 80 लाख रुपये भुगतान से संबंधित दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. कई अन्य प्लॉट और निवेश से जुड़े एग्रीमेंट भी मिले हैं, जिनकी जांच अभी जारी है.
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आने वाले दिनों में हो सकते हैं कई खुलासे
जमुई स्थित किराए के घर से 8 लाख 3 हजार 900 रुपये नकद मिले. यहां से एक Hyundai Creta वाहन भी मिला. यह सुरेंद्र प्रसाद के नाम पर खरीदा गया था. जांच एजेंसियों को शक है कि इसका मालिक गोपाल कुमार से हो सकता है.
छापेमारी में तीन बैंक खातों की जानकारी भी मिली. इनमें करीब 10 लाख रुपये जमा पाए गए हैं. साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम में निवेश से जुड़े सात पॉलिसी दस्तावेज भी मिले. इनमें लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये वार्षिक प्रीमियम जमा होने की जानकारी मिली है.
तलाशी के दौरान एक Hyundai i10 कार और एक स्कूटी भी बरामद की गई. ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े कई सरकारी दस्तावेज और फाइलें भी मिली हैं, जिनकी अलग से जांच होगी.
आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि अब तक की बरामदगी के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला और बड़ा हो सकता है. जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में संपत्ति, निवेश और लेन-देन से जुड़े और खुलासे संभव हैं. विभागीय स्तर पर भी गोपाल कुमार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
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