Bihar Cabinet: बिहार में 7 मई को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एडीआर और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट ने सरकार के कई बड़े आंकड़े सामने रख दिए हैं. मुख्यमंत्री समेत 35 मंत्रियों में से 31 के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया. इसमें पता चला कि बिहार सरकार के करीब 90 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं. इन मंत्रियों की औसत संपत्ति 6.32 करोड़ रुपये है.
रमा निषाद सबसे अमीर, संजय कुमार सबसे कम संपत्ति वाले मंत्री
रिपोर्ट के मुताबिक औराई सीट से भाजपा विधायक रमा निषाद बिहार कैबिनेट की सबसे अमीर मंत्री हैं. उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 31.86 करोड़ रुपये बताई है. वहीं बखरी से लोजपा (रामविलास) के विधायक संजय कुमार सबसे कम संपत्ति वाले मंत्री निकले. उनकी घोषित कुल संपत्ति सिर्फ 22.30 लाख रुपये है. यानी मंत्रिमंडल में संपत्ति का अंतर करोड़ों से लेकर लाखों तक पहुंचता है.
कर्जदार मंत्रियों की संख्या भी कम नहीं
सिर्फ संपत्ति ही नहीं, कई मंत्री भारी कर्ज में भी हैं. 31 में से 20 मंत्रियों ने अपने ऊपर देनदारी घोषित की है. शिवहर से मंत्री श्वेता गुप्ता पर सबसे ज्यादा 4.05 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज है. इससे साफ है कि बिहार कैबिनेट में कई मंत्री बड़ी संपत्ति के साथ बड़ी वित्तीय देनदारी भी रखते हैं.
पार्टीवार आंकड़ों में जेडीयू सबसे आगे दिखी. जेडीयू के सभी 13 मंत्री करोड़पति हैं. बीजेपी के 15 में से 13 मंत्री करोड़पति श्रेणी में हैं. लोजपा (रा) के 2 में से 1 मंत्री और हम (सेक्युलर) का एकमात्र मंत्री भी करोड़पति है. कुल मिलाकर 31 में से 28 मंत्री करोड़पति हैं.
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लगभग आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले
रिपोर्ट का सबसे बड़ा और गंभीर पहलू यह है कि 31 में से 15 मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं. इनमें 9 मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक केस दर्ज हैं. यानी बिहार कैबिनेट में संपत्ति के साथ दागी चेहरों की संख्या भी कम नहीं है.
शिक्षा के मामले में बिहार कैबिनेट बेहतर दिखी. 22 मंत्री ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं, जबकि 8 मंत्री 10वीं से 12वीं तक शिक्षित हैं.
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