Patna News: (प्रमोद झा की रिपोर्ट) बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ ने अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर गर्दनीबाग धरना स्थल पर महाधरना दिया. धरना में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पंचायत सचिव शामिल हुए. संघ ने सरकार और पंचायती राज विभाग पर लगातार उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी.
ग्रेड पे बढ़ाने से लेकर प्रोन्नति नियमों में बदलाव की मांग
संघ की प्रमुख मांगों में ग्रेड पे में संशोधन कर 4200 रुपये करने, गृह जिला में ट्रांसफर की सुविधा देने, शैक्षणिक योग्यता स्नातक करते हुए पदनाम बदलकर जीपीआरओ करने, परिवहन भत्ता लागू करने तथा पंचायत सचिव से प्रखंड राज पदाधिकारी पद पर प्रोन्नति में 55 वर्ष की उम्र सीमा समाप्त करने की मांग शामिल है.
सरकार लगातार कर रही उपेक्षा : वीरेंद्र कुमार
महाधरना को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि पंचायत सचिव वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार और पंचायती राज विभाग लगातार उनकी अनदेखी कर रहा है. उन्होंने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 20 मई तक धरना जारी रहेगा. इसके बाद राज्यव्यापी प्रदर्शन, घेराव और आमरण अनशन किया जाएगा.
मौखिक आश्वासन पर खत्म नहीं होगी हड़ताल
संघ के महामंत्री राकेश रंजन ने कहा कि यह आंदोलन पंचायत सचिवों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल सांत्वना और मौखिक आश्वासन के आधार पर हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी.
आंदोलन जारी रखने का लिया संकल्प
महाधरना को संघ के संरक्षक रामजी प्रसाद सिंह, संयोजक सुनील कुमार समेत कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया. पंचायत सचिवों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया.
