पटना- आरा समेत दर्जनों जिलों के जमीन मालिकों पर होगी पैसों की बरसात, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का प्लान जानिए

Ministry of Road Transport and Highways: बिहार में बन रहे ग्रीनफील्ड फोरलेन, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, एक्सप्रेस वे समेत कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने जमीन अधिग्रहण की अनुमति दे दी है.

Ministry of Road Transport and Highways: बिहार में सड़कों और एस्प्रेस-वे का जाल बिछ रहा है. इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारी चल रही है. बिहार में कई नए एक्सप्रेस वे और फोरलेन सड़कें बनाने की अनुमति सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दे दी है. सभी बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन लेने का आदेश जारी हो गया है.

आरा-सासाराम फोर लेन ग्रीनफील्ड (Ara-Sasaram Four Lane Greenfield)

केंद्र सरकार ने बताया था कि आरा-सासाराम फोर लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर 120 किलोमीटर लंबा होगा. हाल ही में मोदी सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने इसे मंजूरी दी है. यह रोड पटना रिंग रोड पर सदीसोपुर से शुरू होकर सासाराम में NH 19 पर सुअरा के पास खत्म होगी. इस प्रोजेक्ट के लिए भी बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.

मोकामा-मुंगेर फोर लेन ग्रीनफील्ड की लंबाई 81 किमी (Mokama-Munger four lane greenfield)

बिहार में मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड फोरलेन का निर्माण होगा. इसकी लंबाई 81 किलोमीटर होगी. इसी साल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इस प्रोजेक्ट के लिए भी जमीन अधिग्रहण करने का आर्डर जारी हो गया है. इस परियोजना के लिए पटना, लखीसराय और मुंगेर जिले में जमीन अधिग्रहित की जाएगी. मंत्रालय द्वारा जारी डेटा के मुताबिक इस सड़क के रास्ते में बड़हिया के 11 गांव, पिपरिया के 4 गांव, सूरजगढ़ा के 26 गांव, लखीसराय के 17 गांव और चानन के 9 गांव आ रहे हैं.

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे (Patna-Purnia Expressway)

बिहार के लोगों को सबसे ज्यादा जिस एक्सप्रेस वे का इंतजार है वो है पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे. इसके लिए छह जिलों में जमीन अधिग्रहण का काम होगा. NHAI द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, छह जिलों के 29 प्रखंडों में स्थित 250 से अधिक गांवों में जमीन ली जाएगी. मंत्रालय ने इस एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए वैशाली के छह, समस्तीपुर के आठ, दरभंगा के दो, सहरसा के पांच, मधेपुरा के दो और पूर्णिया के छह प्रखंडों में जमीन लेने की अनुमति दी है.

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे (Gorakhpur-Siliguri Expressway)

यह एक्सप्रेस वे 568 किलोमीटर लंबा है. जिसमें से 417 किलोमीटर बिहार में है. इस एक्सप्रेस वे के लिए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में जमीन ली जाएगी.

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जमीन मालिकों को उचित मुआवजा मिलेगा

बिहार में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर चल रहे काम पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि वह राज्य में सड़कों का जाल बिछाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इससे बिहार के लोगों को बहुत फायदा होगा. इससे लोगों का सफर आसान होगा और व्यापार बढ़ेगा. जमीन मालिकों से मंत्रालय ने कहा है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में लोगों को पूरा सहयोग दिया जाएगा. सभी मालिकों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जाएगा. अगर मालिकों को किसी तरह की परेशानी आती है तो उसे दूर किया जायेगा.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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