Good News: शिक्षकों को दशहरे से पहले बिहार सरकार देगी तोहफा, जारी हो गए 2650 करोड़, इस दिन आएगी सैलरी

Bihar Teacher Salary: दशहरा शुरू होने से पहले शिक्षकों के लिए खुशखबरी है. सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए शिक्षा विभाग ने 2650 करोड़ 17 लाख रुपये जारी किया है.

Good News Bihar Teacher Salary: बिहार शिक्षा विभाग ने दुर्गा पूजा से पहले कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों को वेतन भुगतान करने का आदेश दिया है. इसके लिए शिक्षा विभाग ने 2650 करोड़ 17 लाख रुपये जारी किया है. यह पैसा जुलाई माह से सितंबर माह की सैलरी और पेंशन के लिए है. इसमें गेस्ट टीचर को उनका मानदेय भी दिया जायेगा. उच्च शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के निर्देश पर इसकी तैयारी पूरी कर ली है.

किसके लिए कितनी राशि आवंटित

शिक्षा विभाग के मुताबिक, स्वीकृत हुई 2,650 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि में से कार्यरत शिक्षक-कर्मियों की सैलरी में 994.21 करोड़, अतिथि शिक्षकों के मानदेय मद में 140.68 करोड़ एवं सेवांत लाभ मद में 1515.28 करोड़ रुपये की राशि शामिल है.

किस विश्वविद्यालय के लिए कितनी राशि

राशि की स्वीकृति की आधिकारिक सूचना सरकार के उप सचिव अमित कुमार पुष्पक के हस्ताक्षर के बाद महालेखाकार को दी गयी है. इसमें बताया गया कि पटना विश्वविद्यालय को 179.55 करोड़ रुपये, मगध विश्वविद्यालय को 389.80 करोड़ रुपये, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को 376.66 करोड़ रुपये और जयप्रकाश विश्वविद्यालय को 152.18 करोड़ रुपये, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय को 208.35 करोड़ रुपये, बीएन मंडल विश्वविद्यालय को 174.11 करोड़ रुपये, तिलक मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय को 189.86 करोड़ रुपये और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को 389.81 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

बता दें कि कुछ माह पहले शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के अनुदान पर रोक लगा दी थी जिस वजह से शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा था. लेकिन अब अगले सप्ताह तक सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन और पेंशन मिलने की उम्मीद है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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